बैठक में स्वच्छ हवा, पराली जलाने पर रोक, धूल प्रदूषण नियंत्रण, ठोस कचरा प्रबंधन और ग्रीन बेल्ट बढ़ाने की नीतियों पर चर्चा की गई। पराली और धूल प्रदूषण से निपटने के लिए अलग-अलग एक्शन प्लान तैयार करने पर सहमति बनी। पुरानी गाड़ियों के स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के उपायों पर भी विचार हुआ। भूपेंद्र यादव ने प्रदेश के पर्यावरण संरक्षण अभियानों की सराहना की।
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