India-Korea Relations: भारत में दक्षिण कोरिया के राजदूत ली सियोंग-हो (Lee Seong-ho) ने भारत की कूटनीतिक सफलता और BRICS शिखर सम्मेलन में दिखाए गए नेतृत्व की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर तनावपूर्ण माहौल के बावजूद भारत ने शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र पर सभी सदस्य देशों के बीच सहमति बनाकर एक बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि हासिल की है।
ग्लोबल साउथ की प्रमुख आवाज बना भारत
कोरिया एजुकेशन फेयर के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए दक्षिण कोरियाई राजदूत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां फिलहाल काफी चुनौतीपूर्ण हैं। इसके बावजूद भारतीय कूटनीति ने जिस तरह से 11 सदस्यीय समूह में सहमति बनाई, वह काबीले तारीफ है। उन्होंने भारत को विकासशील देशों यानी ‘ग्लोबल साउथ’ का एक मजबूत और प्रभावशाली प्रतिनिधि बताया। उनका कहना था कि मुश्किल वक्त में पूरी दुनिया भारत के नेतृत्व को सकारात्मक रूप से देख रही है।
द्विपक्षीय रिश्तों में नई ऊर्जा
दोनों देशों के आपसी संबंधों पर चर्चा करते हुए राजदूत ने कहा कि भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्ते एक बेहद उम्मीद जगाने वाले मोड़ पर पहुंच चुके हैं। अप्रैल में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने अगले पांच से दस वर्षों का एक स्पष्ट विजन तैयार किया था। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले सालों में दोनों देश तकनीक, व्यापार और नवाचार के क्षेत्र में 21वीं सदी के सबसे करीबी साझेदार बनकर उभरेंगे।
BRICS सम्मेलन की कूटनीतिक सफलता
नई दिल्ली में आयोजित BRICS शिखर सम्मेलन का मुख्य विषय ‘लचीलेपन, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण’ रखा गया था। इतने बड़े और विविधता भरे मंच पर सभी देशों के हितों को ध्यान में रखकर साझा प्रस्ताव तैयार करना आसान नहीं था, लेकिन भारत के कुशल नेतृत्व ने इस आयोजन को पूरी तरह से सफल बनाया।
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