Gonda News : उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर ने ग्रामीण इलाकों में चिंता बढ़ा दी है। नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के बाद आसपास के कई गांव और मजरे जलमग्न हो गए हैं। ताजा जानकारी के मुताबिक, एल्गिन ब्रिज पर घाघरा नदी खतरे के निशान से करीब 39 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। बाढ़ के कारण जिले की 18 हजार से अधिक आबादी प्रभावित बताई जा रही है। बाढ़ का सबसे ज्यादा असर नदी के किनारे बसे इलाकों में दिखाई दे रहा है। कई जगहों पर घरों में पानी घुस गया है, जिसके चलते ग्रामीणों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्नलगंज और तरबगंज में सबसे ज्यादा असर
घाघरा के उफान का सबसे ज्यादा प्रभाव कर्नलगंज और तरबगंज तहसील के तटीय क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कई गांवों और मजरों में पानी पहुंच गया है। हालात इतने मुश्किल हो गए हैं कि कुछ परिवार घरों की छतों, चारपाई और ऊंचे तख्तों पर रहने को मजबूर हैं। गांवों में चारों तरफ पानी भर जाने से सड़क और पैदल रास्तों से आवागमन प्रभावित हो गया है। लोगों के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने का प्रमुख साधन अब नावें बन गई हैं। बाढ़ के कारण लोगों के सामने भोजन और पीने के पानी की समस्या के साथ-साथ पशुओं के चारे का भी संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीण अपने मवेशियों को सुरक्षित रखने और उनके लिए चारे की व्यवस्था करने की कोशिश कर रहे हैं।
राहत-बचाव के लिए प्रशासन अलर्ट
बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिया है। प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री, राशन किट और लंच पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। पशुपालकों की परेशानी को देखते हुए मवेशियों के लिए भूसे की व्यवस्था भी की जा रही है। प्रशासन की ओर से जिले की सभी बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। इन चौकियों पर मेडिकल टीमें भी तैनात की गई हैं। डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी बाढ़ प्रभावित लोगों को जरूरी दवाइयां उपलब्ध करा रहे हैं और जलभराव के कारण संभावित बीमारियों को लेकर निगरानी रखी जा रही है। तहसील स्तर के अधिकारी लगातार प्रभावित क्षेत्रों का जायजा ले रहे हैं और राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं।
धीरे-धीरे स्थिर हो रहा घाघरा का जलस्तर
ताजा बाढ़ बुलेटिन के अनुसार, घाघरा नदी अभी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, लेकिन जलस्तर में बढ़ोतरी की रफ्तार अब कम हुई है और पानी धीरे-धीरे स्थिर होने की स्थिति में है। प्रशासन को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में नदी का जलस्तर नीचे आ सकता है। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि प्रशासन की टीमें प्रभावित परिवारों तक लगातार मदद पहुंचा रही हैं। पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए पर्याप्त संख्या में नावें लगाई गई हैं। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालना, जरूरी खाद्य सामग्री और दवाइयां पहुंचाना तथा पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था करना है। फिलहाल ग्रामीणों की नजर घाघरा नदी के जलस्तर पर बनी हुई है और प्रशासन भी हालात पर लगातार निगरानी रख रहा है।
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