आरोप है कि दलालों के सिंडिकेट ने दूसरे राज्यों के बैकलॉग की आड़ में लाइसेंस जारी कराए और करीब 4 करोड़ 75 लाख रुपये की अवैध वसूली की। मामले में सेवा प्रदाता कंपनी के चार कर्मचारियों के खिलाफ शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई गई है।
संबंधित फर्म को ब्लैकलिस्ट करने और सिक्योरिटी मनी जब्त करने की प्रक्रिया भी शुरू है। जांच में पोर्टल पर सत्यापन और पर्यवेक्षण में लापरवाही सामने आई है। फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों की भी जांच जारी है।
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