Sambhal Bulldozer Action : उत्तर प्रदेश के संभल से शुक्रवार को बड़ी खबर सामने आई है। निर्माणाधीन चामुंडा देवी मंदिर की जमीन पर कथित अवैध निर्माण हटाने के लिए प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी। प्रशासन का कहना है कि कब्जे के कारण मंदिर निर्माण में परेशानी आ रही थी। यह कार्रवाई तहसीलदार न्यायालय के आदेश के बाद की जा रही है।
दोपहर में मौके पर पहुंची प्रशासनिक टीम
शुक्रवार दोपहर करीब 12:35 बजे एसडीएम विकास चंद्र के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। टीम के साथ पुलिसकर्मी भी मौजूद रहे। करीब एक बजे बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।
प्रशासन के अनुसार, मंदिर की कुल एक बीघा जमीन में से 72 वर्ग मीटर हिस्से पर कथित तौर पर दो मंजिला धर्मकांटा बना हुआ था। इसके अलावा करीब 100 मीटर लंबी और चार फीट ऊंची दीवार भी बताई गई है। इन्हीं निर्माणों को हटाया जा रहा है।
शिकायत के बाद शुरू हुई थी कार्रवाई
एसडीएम विकास चंद्र के मुताबिक, नगर पंचायत सिरसी के थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र में चामुंडा देवी मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। मंदिर कमेटी की शिकायत पर जमीन पर कथित कब्जे की सुनवाई तहसीलदार न्यायालय में हुई थी। प्रशासन के अनुसार, कथित कब्जेदार मंजर खां को नोटिस जारी किया गया था। सुनवाई के बाद 13 मार्च को तहसीलदार न्यायालय ने बेदखली का आदेश दिया। इसके खिलाफ जिलाधिकारी न्यायालय में अपील की गई, लेकिन 24 जुलाई को यह अपील खारिज हो गई। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू की।
कौन-कौन अधिकारी मौके पर मौजूद?
कार्रवाई के लिए प्रशासन ने विशेष टीम गठित की है। इसमें एसडीएम विकास चंद्र, तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह, नायब तहसीलदार शुभम प्रताप सिंह और कानूनगो अमीचन्द शामिल हैं।
इसके अलावा कई लेखपालों को भी टीम में लगाया गया है। नायब तहसीलदार शुभम प्रताप सिंह को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का प्रभारी बनाया गया है। ध्वस्तीकरण अभियान के लिए नगर पंचायत सिरसी की ओर से मजदूर, ट्रैक्टर-ट्रॉली और जेसीबी मशीन उपलब्ध कराई गई है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के लिए हजरतनगर गढ़ी थाने से करीब एक दर्जन पुलिसकर्मियों को मौके पर तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई के दौरान सुरक्षा और कानून-व्यवस्था का ध्यान रखा जा रहा है।
19 अगस्त को हुआ था निरीक्षण
बुलडोजर कार्रवाई से पहले 19 अगस्त को तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह और संबंधित लेखपाल पुष्पेंद्र कुमार ने मौके का निरीक्षण किया था। इस दौरान जमीन और वहां बने निर्माण की स्थिति देखी गई।
निरीक्षण के बाद राजस्व विभाग ने कार्रवाई की तैयारी पूरी की। फिलहाल प्रशासन की टीम कथित अवैध निर्माण को हटाने में जुटी है। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई पूरी होने के बाद मंदिर की जमीन को कथित कब्जे से मुक्त कराया जाएगा, जिससे निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो सके।
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