Mathura Lumpy Skin Disease (LSD) : मथुरा में लंपी वायरस का कहर, 100 से अधिक गोवंश संक्रमित; जानें इसके लक्षण और बचाव

Mathura Lumpy Skin Disease (LSD)

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Mathura Lumpy Skin Disease (LSD) के बढ़ते मामलों से पशुपालकों की चिंता बढ़ गई है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अब तक 100 से अधिक गोवंश संक्रमित हो चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले वृंदावन क्षेत्र से सामने आए हैं। फिलहाल 23 सक्रिय मामले दर्ज हैं, जबकि कई संक्रमित पशुओं की मौत हो चुकी है।

संक्रमण (Infection) के बढ़ते खतरे के चलते जिले में लगने वाले पशु मेलों और साप्ताहिक पशु हाट के आयोजन पर संकट मंडरा रहा है। वहीं, गोवर्धन क्षेत्र में गोसेवकों ने संक्रमित निराश्रित गोवंशों के लिए अस्थायी आइसोलेशन सेंटर (Isolation Centre) बनाया है। गोसेवकों के मुताबिक, रेस्क्यू किए गए पशुओं में करीब 25 की मौत हो चुकी है, जबकि 10 का इलाज जारी है। पशु चिकित्सा विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है।

LSD विषाणु मक्खियों, मच्छरों और चिंचड़ों जैसे खून चूसने वाले कीटों से फैलता है। दूषित पानी, चारे और संक्रमित पशु की लार से भी संक्रमण फैल सकता है। सीधे संपर्क से भी यह रोग एक पशु से दूसरे पशु में फैलता है। यह एक संक्रामक रोग है जो तेजी से फैलता है। संक्रमण होने पर पशु के पूरे शरीर पर 2-5 सेमी आकार की कठोर गांठें बन जाती हैं। शुरुआती दिनों में 104-106 फारेनहाइट तक बुखार, दूध में गिरावट, आंख-नाक से स्राव, पैरों में सूजन, लंगड़ापन और भूख न लगना इसके प्रमुख लक्षण हैं।

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