Greater Noida Bioenergy Expo : ग्रीन एनर्जी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भारत एक और बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में 11 से 13 अगस्त तक ‘इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026’ का शानदार आयोजन किया जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक्सपो में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत केंद्र और राज्य सरकार के कई प्रमुख मंत्री हिस्सा लेंगे। जिला प्रशासन और आयोजकों की ओर से इस भव्य कार्यक्रम की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 12 अगस्त को इस एक्सपो में शिरकत करेंगे, जो राज्य में बायोएनर्जी के बढ़ते कदम को दर्शाता है।
देश-विदेश के दिग्गज और 25 से ज्यादा सम्मेलन सत्र
इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी (IFGE) और यूपी नेडा (UPNEDA) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हो रहे इस एक्सपो में बायोएनर्जी क्षेत्र के प्रमुख राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दिग्गज जुटेंगे। कार्यक्रम के दौरान 25 से अधिक विशेष सम्मेलन सत्र आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें 120 से ज्यादा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय वक्ता अपने विचार रखेंगे। आयोजकों का अनुमान है कि इस तीन दिवसीय एक्सपो में 150 से अधिक प्रदर्शक, 1000 से ज्यादा प्रतिनिधि और लगभग 15 हजार व्यावसायिक आगंतुक शामिल होंगे। इस दौरान कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG), एथेनॉल, बायोडीजल, सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल और ग्रीन हाइड्रोजन जैसे कई आधुनिक विषयों पर चर्चा होगी।
उत्तर प्रदेश को ग्लोबल बायोएनर्जी हब बनाने की तैयारी
इस एक्सपो का मुख्य लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश और दुनिया के सामने एक प्रमुख बायोएनर्जी हब के रूप में स्थापित करना है। उत्तर प्रदेश में प्रचुर मात्रा में बायोमास संसाधन मौजूद हैं और राज्य में एथेनॉल व कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन की क्षमता बहुत तेजी से बढ़ रही है। इस आयोजन के माध्यम से राज्य सरकार की प्रगतिशील नीतियों और बायोएनर्जी वैल्यू चेन में निवेश की अपार संभावनाओं को दुनिया भर से आए निवेशकों के सामने पेश किया जाएगा। इससे न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि क्लीन एनर्जी को भी बढ़ावा मिलेगा।
निवेश और नवाचार के खुलेंगे नए रास्ते
इंडियन फेडरेशन ऑफ ग्रीन एनर्जी के महानिदेशक संजय गंजू ने बताया कि उत्तर प्रदेश के पास बायोएनर्जी क्षेत्र में क्रांति लाने के लिए सभी जरूरी संसाधन मौजूद हैं। ‘इंडिया बायोएनर्जी एंड टेक एक्सपो-2026’ का यह तीसरा संस्करण है, जो वैश्विक स्तर पर तकनीकी कंपनियों, निवेशकों और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाने का काम कर रहा है। इससे क्षेत्र में नई तकनीकों के प्रयोग, नवाचार और बड़े पैमाने पर निवेश का मार्ग प्रशस्त होगा।







