Hariyali Amavasya : हरियाली अमावस्या के पावन पर्व पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ी और सराहनीय पहल की है। उन्होंने दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम के पास सैकड़ों साथियों के साथ मिलकर पौधरोपण किया। इसके साथ ही उनके ‘वृक्ष मित्र’ अभियान से जुड़े देशभर के हजारों सदस्यों ने भी अपने-अपने गांवों, कस्बों और शहरों में पौधे लगाए। इस खास मौके पर पूरे देश में 50 हजार से भी अधिक पौधे लगाने का एक बड़ा संकल्प लिया गया है, जो पर्यावरण को हरा-भरा बनाने में बेहद मददगार साबित होगा।
प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का पावन पर्व
शिवराज सिंह चौहान ने हरियाली अमावस्या के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हमारे हर पारंपरिक त्योहार के पीछे एक गहरा वैज्ञानिक दृष्टिकोण और जीवन को बेहतर बनाने का संदेश छिपा होता है। हरियाली अमावस्या वास्तव में प्रकृति और धरती मां के प्रति आभार प्रकट करने का समय है। इस मौसम में चारों ओर खेतों में फैली हरियाली और नई फसल आने की उम्मीद हर किसी के मन को खुशी से भर देती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रकृति के प्रति यह आभार सिर्फ बातों में नहीं, बल्कि जमीन पर पेड़-पौधे लगाकर व्यावहारिक रूप में व्यक्त किया जाना चाहिए।
वृक्ष मित्र परिवार का बड़ा संकल्प
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ‘वृक्ष मित्र’ परिवार के सभी सदस्यों ने एकजुट होकर यह निर्णय लिया था कि वे हरियाली अमावस्या का पर्व अपने-अपने क्षेत्रों, पंचायतों और शहरों में पौधरोपण करके मनाएंगे। इसी संकल्प के तहत देशभर में एक साथ हजारों लोगों ने इस अभियान में हिस्सा लिया। शिवराज सिंह चौहान ने आम देशवासियों से भी भावुक अपील करते हुए कहा कि इस पावन पर्व को यादगार बनाने के लिए हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा जरूर लगाना चाहिए और उसकी देखभाल का जिम्मा भी उठाना चाहिए।
5 लोगों को जोड़ने की अनोखी मुहिम
पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री ने एक खास विचार साझा किया। उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना केवल आज के पर्यावरण की रक्षा करना नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और सुंदर भविष्य की मजबूत नींव रखना है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे स्वयं एक पौधा लगाएं और अपने साथ 5 अन्य लोगों को इस मुहिम से जोड़ें। फिर वे 5 लोग आगे 5-5 लोगों को प्रेरित करें। इस तरह यह नेटवर्क तेजी से फैलेगा और अभियान देश के कोने-कोने तक पहुंच सकेगा।







