Gorakhpur Tiranga Yatra : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस से पूर्व देशप्रेम और नागरिक कर्तव्यों का संदेश देने के लिए सोमवार को गोरखपुर में एक भव्य ‘तिरंगा यात्रा’ का नेतृत्व किया। इस दौरान उनके साथ गोरखपुर के सांसद रवि किशन भी मौजूद रहे। यात्रा की शुरुआत नगर निगम परिसर स्थित रानी लक्ष्मीबाई पार्क में महारानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस मौके पर सीएम योगी ने कहा कि तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं है, बल्कि यह भारत की आन, बान, शान और देश के स्वाधीनता संग्राम सेनानियों के सर्वोच्च त्याग का प्रतीक है।
देश भर में 5 करोड़ घरों पर तिरंगा फहराने का लक्ष्य
जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरा देश ‘हर घर तिरंगा’ अभियान से जुड़ चुका है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष देश में करीब 5 करोड़ घरों और प्रतिष्ठानों पर सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराने का लक्ष्य रखा गया है। सीएम योगी ने आम जनता, व्यापारियों, सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों से अपील की कि वे अपने-अपने घरों और कार्यस्थलों पर तिरंगा लहराएं और ध्वज के साथ सेल्फी लेकर इस राष्ट्रव्यापी अभियान को आगे बढ़ाएं।
काकोरी और चौरीचौरा के अमर बलिदानियों को किया याद
अपने संबोधन में सीएम योगी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए कहा कि देश को आजादी किसी उपहार में नहीं मिली है। मंगल पांडे, रानी लक्ष्मीबाई, तात्या टोपे से लेकर काकोरी कांड और चौरीचौरा के नायकों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया था। उन्होंने कहा कि पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह और राजेंद्रनाथ लाहिड़ी जैसे महापुरुषों ने जाति-पात से ऊपर उठकर ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ देश के लिए बलिदान दिया था, जिन्हें आज नमन करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
रानी लक्ष्मीबाई पार्क से रेलवे स्टेशन तक गूंजे देशभक्ति के नारे
रानी लक्ष्मीबाई पार्क से शुरू हुई यह तिरंगा यात्रा गोलघर, टाउनहॉल और यातायात तिराहा होते हुए रेलवे स्टेशन के सामने स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा स्थल पर समाप्त हुई। पूरी यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मार्ग में पड़ने वाली राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. राजेंद्र प्रसाद और महाराणा प्रताप की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। यात्रा में हजारों की संख्या में युवाओं, व्यापारियों और नागरिकों ने हिस्सा लिया और पूरे रास्ते ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के जयकारे गूंजते रहे।

