Kanwar Mela Haridwar : उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का सीधा असर मैदानी क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर बढ़कर 293.30 मीटर पर पहुंच गया है, जो कि चेतावनी के स्तर को पार कर चुका है। हालांकि, राहत की बात यह है कि पानी अभी भी खतरे के निशान से नीचे बह रहा है। सिंचाई विभाग के अनुसार फिलहाल स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और स्थानीय लोगों या श्रद्धालुओं को घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है।
कांवड़ मेले के चलते गंगनहर बंद, श्रद्धालुओं के लिए सिंचाई धारा से जल की व्यवस्था
कांवड़ मेले के दौरान नदी में तेज बहाव को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से गंगनहर को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विकास त्यागी ने बताया कि कांवड़ यात्रियों और शिवभक्तों को जल भरने में कोई समस्या न हो, इसके लिए ‘सिंचाई धारा’ के माध्यम से पर्याप्त जल उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को पवित्र गंगाजल लेने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
जलस्तर में कभी भी हो सकता है उतार-चढ़ाव, सुरक्षित दूरी बनाने की अपील
सिंचाई विभाग ने चेतावनी दी है कि पहाड़ों में बारिश के कारण जलस्तर में कभी भी अचानक उतार-चढ़ाव आ सकता है। इसलिए प्रशासन को पल-पल की जानकारी भेजी जा रही है। अधिकारियों ने शिवभक्तों और स्थानीय लोगों से खास अपील की है कि बंद नहरों को सूखा या सुरक्षित मानकर उनमें अंदर न जाएं, क्योंकि उनमें किसी भी समय पानी छोड़ा जा सकता है। साथ ही गंगा घाटों पर गहरे पानी से दूर रहने और सुरक्षित दूरी बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
इस समय देश के अलग-अलग राज्यों से लाखों कांवड़ यात्री गंगाजल लेने हरिद्वार पहुंच रहे हैं, जिससे घाटों पर भारी भीड़ उमड़ रही है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। बीते कुछ दिनों में गोताखोरों ने कई श्रद्धालुओं को डूबने से बचाया है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि श्रद्धालु नियमों का पालन करें और गहरे पानी में जाकर जोखिम न उठाएं।
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