Lucknow News : सावन का महीना आते ही चारों तरफ भक्ति का माहौल बन जाता है, लेकिन जब सावन का पहला सोमवार हो, तो भक्तों का उत्साह देखने लायक होता है। राजधानी लखनऊ में भी आज सुबह से ही झमाझम बारिश के बीच शिवालयों में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। बारिश के बावजूद भक्तों के उत्साह में कोई कमी नहीं आई और सुबह भोर से ही हर-हर महादेव और जय-जय भोलेनाथ के जयकारे गूंजने लगे।
तड़के से लगी लंबी कतारें और मनमोहक श्रृंगार
सावन के इस पावन मौके पर शहर के प्रसिद्ध मंदिरों में सुबह होने से पहले ही लोग दर्शन के लिए जुटने लगे थे। रात से ही भक्त लाइन में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। तड़के मंगला आरती के साथ मंदिर के कपाट खोले गए, जिसके बाद भगवान शिव का बहुत ही दिव्य और सुंदर श्रृंगार किया गया। आरती के समय का नजारा इतना अद्भुत था कि वहां मौजूद हर श्रद्धालु भक्ति के रस में डूब गया।
भांग, धतूरा और गंगाजल से जलाभिषेक
मंदिरों में पहुंचे श्रद्धालु बाबा भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए गंगाजल, दूध, बेलपत्र, भांग, धतूरा, शहद और ताजे फूल अर्पित कर रहे हैं। मान्यता है कि सावन के सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और सुख-समृद्धि आती है। भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा और लाइन प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं ताकि किसी को परेशानी न हो।
गोमती किनारे बसा ऐतिहासिक मनकामेश्वर मंदिर
जब बात लखनऊ के शिव मंदिरों की होती है, तो गोमती नदी के तट पर स्थित मनकामेश्वर मंदिर का नाम सबसे पहले आता है। यह शहर के सबसे प्राचीन और पवित्र धामों में से एक माना जाता है। कहा जाता है कि जो भी भक्त यहां आकर सच्चे दिल से प्रार्थना करता है, बाबा मनकामेश्वर उसकी हर मनोकामना पूरी करते हैं। यही वजह है कि आज पूरे मंदिर परिसर में आस्था की एक अनोखी लहर देखने को मिल रही है। सावन के पहले सोमवार ने नवाबों के शहर लखनऊ को पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंग दिया है। बारिश की फुहारों के बीच भक्तों की यह अटूट श्रद्धा यह साबित करती है कि भोलेनाथ के प्रति लोगों का विश्वास कितना गहरा है। अगर आप भी आज मंदिर जाने की सोच रहे हैं, तो सुबह या शाम की आरती में शामिल होकर इस पावन माहौल का आनंद जरूर लें।
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