Commonwealth Games: 2 नेशनल रिकॉर्ड के साथ Gyaneshwari Yadav ने जीता सिल्वर, नाइजीरियाई लिफ्टर से रही कांटे की टक्कर

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Commonwealth Games: राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय भारोत्तोलकों का जलवा लगातार बरकरार है। मीराबाई चानू, ऋषिकांत और राजा के शानदार प्रदर्शन के बाद सोमवार को ज्ञानेश्वरी यादव (Gyaneshwari Yadav) ने 53 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर दिया। इस स्पर्धा में उन्होंने दो नए राष्ट्रीय रिकॉर्ड (National record) भी अपने नाम किए। अब तक मैदान में उतरे चारों भारतीय भारोत्तोलक पदक जीतने में सफल रहे हैं। भारत अब तक कुल पांच मेडल जीत चुका है, जिनमें से चार मेडल अकेले वेटलिफ्टिंग से आए हैं।        

छत्तीसगढ़ के छोटे से गांव भोंडिया की रहने वाली ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो समेत कुल 199 किलो वजन उठाया। क्लीन एंड जर्क और कुल वजन के मामले में उनका यह प्रदर्शन नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बन गया है। वहीं नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला ने कुल 206 किलो वजन उठाकर नया रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।      

दोनों के बीच दिखा कड़ा मुकाबला    

53 किलो वर्ग के इस मुकाबले में दो युवा खिलाड़ियों के बीच काफी जबरदस्त टक्कर देखने को मिली। दोनों में से कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं था। ज्ञानेश्वरी यादव और नाइजीरिया की ओनोमे के बीच हर लिफ्ट पर बढ़त हासिल करने की होड़ लगी रही। हर सफल कोशिश के बाद मैच अधिकारियों को नया रिकॉर्ड दर्ज करना पड़ रहा था। स्टेडियम में मौजूद दर्शक भी इस कांटे की टक्कर को देखकर अपनी सीटों से खड़े होने पर मजबूर हो गए।   

हर कोशिश में रिकॉर्ड की होड़     

स्नैच राउंड में ज्ञानेश्वरी ने अपने तीनों प्रयास (82, 85 और 88 किलो) बेहद साफ-सुथरे तरीके से पूरे किए। असली रोमांच क्लीन एंड जर्क में देखने को मिला। ज्ञानेश्वरी ने पहले प्रयास में 103 किलो और दूसरे में 107 किलो उठाकर नया कीर्तिमान बनाया। हालांकि ओनोमे ने तुरंत 110 किलो उठाकर उन्हें पीछे छोड़ दिया। इसके बाद भारतीय खिलाड़ी ने फिर वापसी करते हुए 111 किलो का भार उठाया, लेकिन एक मिनट बाद ही ओनोमे ने 113 किलो उठाकर पहला स्थान हासिल कर लिया।   

संघर्ष से शिखर तक का सफर

Gyaneshwari Yadav के पिता दीपक यादव खुद एक बॉडीबिल्डर थे, लेकिन घर की आर्थिक तंगी की वजह से उन्हें खेल छोड़कर इलेक्ट्रीशियन का काम करना पड़ा। पिता के साथ ट्रेनिंग करते हुए ज्ञानेश्वरी ने आगे बढ़ना शुरू किया और राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई। इससे पहले 2026 एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी वह रजत और कांस्य पदक जीत चुकी हैं। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रजत पदक जीतने पर बधाई दी है।

यह भी पढ़ें: Commonwealth Games: 34 की उम्र में ट्रेनिंग, घर तक बेचा… अब Sharmila Dhankhar ने भारत को दिलाया गोल्ड, Shilpa को मिला ब्रॉन्ज

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