UP Expressway Link Project : उत्तर प्रदेश में सड़कों का नेटवर्क लगातार मजबूत हो रहा है। अब प्रदेश के तीन बड़े एक्सप्रेसवे को जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके तहत यूपी एक्सप्रेसवे लिंक परियोजना के जरिए आगरा एक्सप्रेसवे, गंगा एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को आपस में जोड़ा जाएगा। इसके लिए दो नए ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे बनाए जाएंगे। अगर योजना के अनुसार काम पूरा हुआ तो अगले तीन साल में लोगों को इन एक्सप्रेसवे का फायदा मिलने लगेगा। इससे प्रदेश के कई जिलों के बीच सफर आसान होगा और यात्रा का समय भी कम होगा।
गंगा एक्सप्रेसवे और आगरा एक्सप्रेसवे को जोड़ने की तैयारी
पहले लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए आगरा एक्सप्रेसवे को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत इटावा के ताखा कुदरैल गांव से होगी। यह लिंक एक्सप्रेसवे इटावा, कन्नौज, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर होते हुए हरदोई तक पहुंचेगा। हरदोई जिले में यह जलालाबाद तहसील के कौसिया गांव के पास गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इस लिंक एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 90 किलोमीटर होगी। इसके निर्माण में लगभग 7488.74 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह छह लेन का होगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। इससे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, आगरा एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच सीधा कनेक्शन बन जाएगा। लोगों को अलग-अलग रास्तों से घूमकर जाने की जरूरत कम होगी।
ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे से बेहतर होगी कनेक्टिविटी
इस पूरी योजना में ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे की अहम भूमिका होगी। नए एक्सप्रेसवे पूरी तरह नए रास्ते पर बनाए जाएंगे, जिससे यात्रा तेज और सुविधाजनक होगी। इन लिंक एक्सप्रेसवे पर हर जिले में इंटरचेंज बनाए जाएंगे। इससे वाहन चालक आसानी से एक्सप्रेसवे पर चढ़ और उतर सकेंगे। यूपीडा यानी उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण इन परियोजनाओं का निर्माण कराएगा। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जमीन अधिग्रहण का काम भी पूरा किया जा चुका है।
आगरा एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक बनेगा नया रास्ता
दूसरे लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को आगरा एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। यह लिंक एक्सप्रेसवे आगरा एक्सप्रेसवे पर मोहान रोड से शुरू होगा। करीब 50 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का निर्माण लखनऊ-कानपुर हाईवे और रायबरेली-लखनऊ हाईवे को पार करते हुए किया जाएगा। यह गोसाईगंज के चंदा सराय गांव के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब 4775.84 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके बनने से लखनऊ शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है। सुल्तानपुर और रायबरेली जाने वाले वाहन शहर के अंदर जाने के बजाय बाहर से ही अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और शहर में जाम की समस्या भी कम हो सकती है।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मिलेगी नई मजबूती
इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे नेटवर्क और ज्यादा मजबूत हो जाएगा।
आगरा, गंगा, पूर्वांचल और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे आपस में जुड़ने से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के बीच सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। इसका फायदा आम यात्रियों के साथ-साथ व्यापार और उद्योग क्षेत्र को भी मिलेगा। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से माल ढुलाई आसान होगी और प्रदेश में निवेश को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। दोनों लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण और निगरानी के लिए यूपीडा की ओर से इंजीनियरों की टीम तैयार की जाएगी।
योजना के अनुसार, कुल 17 अभियंताओं की तैनाती की जाएगी। इनमें मुख्यालय स्तर पर अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता शामिल होंगे। वहीं, फील्ड स्तर पर भी इंजीनियरों की टीम काम करेगी। इन अभियंताओं को पीडब्ल्यूडी से प्रतिनियुक्ति पर लिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर सेवानिवृत्त इंजीनियरों की मदद भी ली जा सकती है।
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