Union Education Minister : देश के शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव हुआ है। लंबे समय से चल रहे विवादों और छात्र प्रदर्शनों के बीच धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के बाद अब प्रह्लाद जोशी ने आधिकारिक तौर पर शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल ली है। 26 जुलाई को पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया और देश की शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता जताई।
प्रह्लाद जोशी ने विनम्रता के साथ स्वीकार की नई जिम्मेदारी
शिक्षा मंत्रालय का प्रभार संभालते ही प्रह्लाद जोशी ने मीडिया से बात की। उन्होंने बेहद सादगी से कहा कि वे इस जिम्मेदारी को पूरी कर्तव्यनिष्ठा और विनम्रता के साथ स्वीकार करते हैं। उन्होंने पूर्व मंत्री के कार्यकाल में लागू हुई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन में वे देश के युवाओं और छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए अपनी पूरी क्षमता से काम करेंगे।
उपभोक्ता मामलों के साथ संभालेंगे अतिरिक्त प्रभार
बता दें कि प्रह्लाद जोशी पहले से ही उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। राष्ट्रपति भवन से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की सलाह पर राष्ट्रपति ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा तुरंत प्रभाव से स्वीकार कर लिया और जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया। अब उनके पास दो महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी होगी।
जंतर-मंतर पर चल रहा आंदोलन हुआ समाप्त
धर्मेंद्र प्रधान के पद छोड़ने के पीछे नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शन को मुख्य वजह माना जा रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता बीते जून महीने से लगातार प्रदर्शन कर रहे थे। सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल पर बैठने के बाद इस आंदोलन ने और जोर पकड़ लिया था। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी देखने को मिली थी। आखिरकार, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के साथ ही छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
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