Neet paper leak : नीट परीक्षा को लेकर देश भर के छात्रों और अभिभावकों की नजरें एक बार फिर अदालत पर टिकी हुई हैं। नीट पेपर लीक से जुड़ी याचिकाओं पर शुक्रवार को supreme court में एक महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को आश्वस्त किया है कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के लिए बड़े पैमाने पर सुधार किए जा रहे हैं।
सरकार ने साफ किया है कि इन सुधारों की निगरानी सर्वोच्च स्तर पर की जा रही है और छात्रों का हित ही सरकार की सबसे पहली प्राथमिकता है।
सरकार कोर्ट में पेश करेगी सुधारों का पूरा ब्योरा
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार प्रश्नपत्र की छपाई से लेकर परीक्षा केंद्रों तक उसके पहुंचने की पूरी सुरक्षा प्रक्रिया का विस्तृत ब्योरा कोर्ट के समक्ष रखेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि राधाकृष्णन समिति की सभी सिफारिशों को लागू किया जा रहा है। सरकार अपने हलफनामे में यह भी स्पष्ट करेगी कि डेटा सुरक्षा और साइबर सुरक्षा के लिए क्या ठोस इंतजाम किए जा रहे हैं।
supreme court ने पूछे अहम सवाल
supreme court ने केंद्र सरकार के रुख का संज्ञान लेते हुए कुछ जरूरी सवाल भी पूछे हैं। शीर्ष अदालत ने सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या भविष्य में नीट परीक्षा को पूरी तरह से कंप्यूटर आधारित (CBT) मोड में आयोजित किया जा सकता है। इसके अलावा कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा कि परीक्षा से जुड़े डेटा की सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था होगी, साइबर सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी होगी और उसकी निगरानी किस प्रकार की जाएगी। अदालत ने इन सभी पहलुओं पर स्पष्ट और विस्तृत जवाब देने को कहा है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को तय की गई है, जहां सरकार अपना विस्तृत जवाब दाखिल करेगी।
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