UP Weather : उत्तर प्रदेश में उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। राज्य में मानसूनी बारिश ने एक बार फिर से जोर पकड़ लिया है। गुरुवार की सुबह से ही राजधानी लखनऊ, बाराबंकी और जौनपुर सहित करीब 10 शहरों में झमाझम पानी बरस रहा है। लखनऊ में तो सुबह की बारिश से कई इलाकों की सड़कों पर पानी भी जमा हो गया है। अगर आप भी आज घर से बाहर निकलने का प्लान बना रहे हैं, तो एक बार मौसम का हाल जरूर जान लीजिए क्योंकि आने वाले कुछ घंटे कई जिलों के लिए भारी पड़ सकते हैं।
UP Weather अगले कुछ घंटों में इन जिलों में तेज बौछारें
मौसम विभाग ने लखनऊ और उसके आस-पास के 7 प्रमुख जिलों के लिए तात्कालिक चेतावनी जारी की है। वैज्ञानिकों के मुताबिक UP Weather अगले कुछ घंटों के भीतर अमेठी, बाराबंकी, हरदोई, लखनऊ, रायबरेली, सीतापुर और उन्नाव में बहुत तेज पानी गिर सकता है। इस दौरान मौसम का मिजाज थोड़ा बिगड़ा रहेगा और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ ही बिजली कड़कने की भी पूरी आशंका है। फिलहाल प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में घने बादल छाए हुए हैं और कुल 36 जिलों में पानी बरसने की संभावना जताई गई है।
पहाड़ों पर पानी बरसने से मैदानी इलाकों में बढ़ी चिंता
यूपी में हो रही बारिश के साथ-साथ अब एक नई मुसीबत भी सामने आने लगी है। उत्तराखंड और अन्य पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी वर्षा की वजह से उत्तर प्रदेश की प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से ऊपर चढ़ रहा है। बलिया जिले में घाघरा नदी उफान पर है और इसके किनारों पर तेजी से कटान शुरू हो गया है। हालात इतने गंभीर हैं कि बांसडीह इलाके में लोग डर के मारे अपने पक्के मकानों को खुद तोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हैं। अब तक लगभग 150 से ज्यादा परिवार अपना आशियाना छोड़ चुके हैं।
वीआईपी घाटों तक पहुंचा नदियों का पानी
धार्मिक नगरियों में भी नदियों का रौद्र रूप दिखने लगा है। वाराणसी में गंगा नदी का पानी बढ़ने से प्रसिद्ध दशाश्वमेध घाट की शुरुआती तीन सीढ़ियां पूरी तरह डूब चुकी हैं, हालांकि राहत की बात यह है कि गंगा अभी खतरे के निशान से करीब 12 मीटर नीचे है। उधर मथुरा और वृंदावन में यमुना नदी भी पूरे उफान पर है। वृंदावन के ऐतिहासिक केशीघाट की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। यही हाल प्रयागराज का भी है, जहां गंगा और यमुना का पानी घाटों पर बनी छोटी-मोटी दुकानों तक पहुंच गया है, जिससे वहां के कारोबारी सतर्क हो गए हैं।
सूखी हवाओं के चलते बादलों की आवाजाही जारी
मौसम वैज्ञानिकों (IMD) का कहना है कि एक तरफ जहां कुछ जिलों में अच्छी बारिश हो रही है, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान से आ रही सूखी हवाओं ने मानसून का खेल थोड़ा बिगाड़ भी रखा है। इन हवाओं की वजह से राज्य के करीब 80 फीसदी हिस्से से घने बादल छंट गए हैं, जिससे आधे से ज्यादा यूपी में सूखा पड़ा है। यही वजह है कि 1 जून से लेकर अब तक पूरे प्रदेश में सामान्य के मुकाबले 25 प्रतिशत कम बरसात दर्ज की गई है। गोरखपुर और गोंडा जैसे पूर्वी इलाकों में ठंडी हवाएं चलने से लोगों को उमस से थोड़ी राहत जरूर मिली है और नदियों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।







