Barabanki: उत्तर प्रदेश में अवैध कॉलोनाइजरों और बिना अनुमति के जमीनों की खरीद-फरोख्त करने वालों के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर साफ देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में Barabanki जिला प्रशासन ने भू-माफियाओं और अवैध निर्माणकर्ताओं को कड़ा संदेश देते हुए एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। Barabanki के जिलाधिकारी (DM) ईशान प्रताप सिंह के सख्त दिशा-निर्देशों पर ग्राम गदिया में बिना किसी प्रशासनिक अनुमति और ले-आउट के विकसित की जा रही अवैध प्लॉटिंग को बुलडोजर चलाकर पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया।
एसडीएम गुंजिता अग्रवाल के नेतृत्व में पहुंची टीम, अलग-अलग गाटा संख्या पर चला बुलडोजर
इस पूरी कार्रवाई को बेहद गोपनीय और मुस्तैद तरीके से अंजाम दिया गया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट एवं उपजिलाधिकारी (SDM) गुंजिता अग्रवाल के नेतृत्व में राजस्व और पुलिस प्रशासन की एक संयुक्त टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ ग्राम गदिया पहुंची। वहां अलग-अलग गाटा संख्याओं की जमीन पर अवैध रूप से काटी जा रही सड़कों, बाउंड्रीवॉल और अन्य अवैध ढांचों को देखते ही देखते मलबे में तब्दील कर दिया गया। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से इलाके के अवैध प्रॉपर्टी डीलरों और कॉलोनाइजरों में हड़कंप मच गया।]
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‘स्मार्ट ग्रीन सिटी’ के खिलाफ कोर्ट ने जारी किया था आदेश
दरअसल, यह पूरी कार्रवाई एक लंबे समय से चल रही कानूनी प्रक्रिया के बाद अमल में लाई गई है। विकासकर्ता ‘स्मार्ट ग्रीन सिटी’ द्वारा बड़े पैमाने पर बिना किसी वैध स्वीकृत के प्लॉटिंग का कार्य किया जा रहा था। इसके खिलाफ ‘उत्तर प्रदेश निर्माण कार्य विनियमन अधिनियम, 1958’ की धारा-10 के अंतर्गत नियत प्राधिकारी के न्यायालय के समक्ष एक वाद प्रस्तुत किया गया था। न्यायालय में मामले की विस्तृत सुनवाई और दोनों पक्षों को सुनने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि निर्माण पूरी तरह से गैर-कानूनी है, जिसके बाद कोर्ट ने इस अवैध प्लॉटिंग को ध्वस्त करने का अंतिम आदेश पारित किया था।
समय देने के बाद भी नहीं हटाया अतिक्रमण, Barabanki मे आगे भी जारी रहेगा अभियान
मामले की जानकारी देते हुए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम गुंजिता अग्रवाल ने बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने पूरी पारदर्शिता बरतते हुए विकासकर्ता को निर्धारित समयावधि के भीतर खुद ही इस अनधिकृत प्लॉटिंग और निर्माण को हटाने का पूरा मौका दिया था। लेकिन, निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी विकासकर्ता द्वारा आदेश का अनुपालन नहीं किया गया और न ही अवैध प्लॉटिंग को हटाया गया। इसके बाद प्रशासनिक टीम को खुद मौके पर पहुंचकर सख्त कदम उठाना पड़ा।
एसडीएम ने अवैध प्रॉपर्टी डीलरों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि जनपद Barabanki में किसी भी सूरत में अनधिकृत प्लॉटिंग और अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आम जनता के हितों की रक्षा और सुनियोजित विकास के लिए प्रशासन का यह कड़ा अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि कोई भी आम नागरिक धोखाधड़ी का शिकार न हो सके।







