Modi Cabinet Decisions: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) ने देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को लेकर एक ऐतिहासिक और बेहद क्रांतिकारी फैसला लिया है। बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में खाद्य वितरण से जुड़ी दो बड़ी योजनाओं को आपस में जोड़कर एक नए अंब्रेला कार्यक्रम “सार्थक-पीडीएस” (SARTHAK-PDS – Scheme for Assistance in Ration Transport and Handling-Income with Automation in PDS) को मंजूरी दे दी गई है।
इस दूरगामी और जन-हितैषी योजना के क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार 16वें वित्त आयोग के चक्र के दौरान अगले पांच वर्षों में अपने हिस्से के रूप में 25,530 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट खर्च करेगी। यह महत्वाकांक्षी कार्यक्रम 31 मार्च 2031 तक निरंतर जारी रहेगा, जिसका सीधा लाभ देश के करोड़ों राशन लाभार्थियों को मिलेगा।
दो बड़ी योजनाओं का हुआ विलय; नेशनल फूड सिक्योरिटी एक्ट (NFSA) होगा मजबूत
मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना के तहत पहले से चल रही दो महत्वपूर्ण तकनीकी और प्रशासनिक पहलों को एकीकृत किया गया है:
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राज्यों के भीतर खाद्यान्न के परिवहन और उचित दर दुकान (FPS) डीलरों के मार्जिन के लिए सहायता योजना।
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तकनीकी सुधारों के जरिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली का आधुनिकीकरण करने वाली ‘स्मार्ट पीडीएस’ (SMART PDS) योजना।
इन दोनों के मिलन से देश की खाद्य सुरक्षा प्रणाली पहले से कहीं अधिक मजबूत, पारदर्शी और अभेद्य बनेगी।
राशन दुकानदारों (डीलर्स) का बढ़ा मार्जिन; अंतिम छोर तक पहुंचेगा अनाज
इस योजना के तहत मोदी सरकार ने देश के लाखों फेयर प्राइस शॉप (FPS) डीलरों के हितों का पूरा ध्यान रखा है:
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मार्जिन में वृद्धि: कैबिनेट ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को दी जाने वाली केंद्रीय सहायता के नियमों में संशोधन करते हुए राशन डीलरों के मार्जिन को बढ़ाने की मंजूरी दी है। इससे डीलरों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
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परिवहन खर्च में मदद: राज्यों के भीतर अनाज को मुख्य गोदामों से उठाकर आखिरी दुकान तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार राज्यों को सुनिश्चित वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिससे राशन की कालाबाजारी और लीकेज पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
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AI, मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन तकनीक से लैस होगी राशन व्यवस्था
मोदी सरकार इस योजना के जरिए भारत की राशन व्यवस्था को दुनिया के सबसे आधुनिक और डिजिटल ढांचे में बदलने जा रही है। ‘सार्थक-पीडीएस’ के तहत निम्नलिखित अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश किया जाएगा:
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आधुनिक तकनीक का प्रयोग: राशन वितरण और निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) और ब्लॉकचेन (Blockchain) तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाएगा।
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लाइव मॉनिटरिंग और कमांड सेंटर: सभी राज्यों में स्टेट-लेवल कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किए जाएंगे। डिजिटल आर्किटेक्चर और एकीकृत डेटाबेस के जरिए राशन के उठान से लेकर वितरण तक की रियल-टाइम मॉनिटरिंग (लाइव ट्रैकिंग) होगी।
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AI-संचालित शिकायत निवारण: उपभोक्ताओं की समस्याओं के तुरंत समाधान के लिए एआई-आधारित शिकायत प्रणाली तैयार की जाएगी। साथ ही, पारदर्शिता के लिए पूरे सिस्टम को ISO-प्रमाणित प्रोसेस फ्रेमवर्क के तहत लाया जाएगा।
Modi Cabinet Decisions: देश के 81.35 करोड़ लाभार्थियों को मिलेगा सीधा फायदा
यह पूरी योजना देश के लगभग 81.35 करोड़ लाभार्थियों को पोषण और खाद्य सुरक्षा की गारंटी देने के मोदी सरकार के संकल्प को पूरा करती है।
डिजिटलाइजेशन का एक दशक: गौरतलब है कि पिछले 10 वर्षों में केंद्र सरकार ने इस इकोसिस्टम में व्यापक सुधार किए हैं। राशन कार्डों का डिजिटलाइजेशन, सत्यापन (सीडिंग) और इलेक्ट्रॉनिक प्वाइंट ऑफ सेल (e-PoS) उपकरणों के जरिए 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में आपूर्ति श्रृंखला को पहले ही कंप्यूटर से जोड़ा जा चुका है। ‘मेरा राशन’, ‘अन्न मित्र’, ‘राइटफुल टारगेटिंग डैशबोर्ड’ और ‘अन्न सहायता’ जैसे नागरिक-केंद्रित ऐप्स पहले से ही इस व्यवस्था को पारदर्शी बना रहे हैं, जिसे अब ‘सार्थक-पीडीएस’ के जरिए और ऊंचाइयों पर ले जाया जाएगा।






