Ministry of Petroleum and Natural Gas: पश्चिम एशिया (West Asia) में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य व कूटनीतिक तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट (Energy Crisis) गहराता जा रहा है। दुनिया के इस सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति मार्ग, ‘होर्मुज स्ट्रेट’ (Strait of Hormuz) पर पैदा हुए गतिरोध के चलते वैश्विक बाजारों में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। हालांकि, इस वैश्विक उथल-पुथल के बीच भारत सरकार ने देशवासियों को बड़ी राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि भारत के पास ईंधन का पूरा इंतजाम है और देश में तेल-गैस की कोई किल्लत नहीं है।
Ministry of Petroleum and Natural Gas द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग (Inter-Ministerial Briefing) में देश में ईंधन के रणनीतिक भंडार और निर्बाध आपूर्ति को लेकर विस्तृत डेटा जारी किया गया है।
देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर सक्रिय, एलपीजी उत्पादन में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी
अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव (Joint Secretary) सुजाता शर्मा ने देश की ऊर्जा तैयारियों को लेकर बेहद सकारात्मक आंकड़े साझा किए। उन्होंने विदेशी मीडिया की भ्रामक रिपोर्टों को खारिज करते हुए देश की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की:
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रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर: देश की सभी सार्वजनिक और निजी तेल रिफाइनरियां (Refineries) वर्तमान में अपनी पूरी कार्य क्षमता के साथ चौबीसों घंटे काम कर रही हैं, जिससे घरेलू स्तर पर ईंधन की उपलब्धता मजबूत बनी हुई है।
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एलपीजी उत्पादन में बड़ी वृद्धि: रसोई गैस की कमी की आशंकाओं को निराधार बताते हुए उन्होंने कहा कि देश में एलपीजी (LPG) के घरेलू उत्पादन को बढ़ाकर अब लगभग 46,000 से 47,000 टन प्रतिदिन कर दिया गया है।
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सप्लाई चैन दुरुस्त: देश के कोने-कोने में स्थित सभी पेट्रोल पंपों (Retail Outlets) पर पेट्रोल और डीजल की निर्बाध व सुचारू आपूर्ति लगातार सुनिश्चित की जा रही है।
भ्रामक रिपोर्ट और भारत विरोधी एजेंडा हुआ ध्वस्त
हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था कि पश्चिम एशिया संकट के चलते भारत को रोजाना लगभग 4 लाख बैरल एलपीजी की आपूर्ति की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।
संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के आधिकारिक बयान ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सरकार के उठाए गए अग्रिम और रणनीतिक कदमों के कारण वैश्विक संकट का असर भारत पर न्यूनतम रहा है। एलपीजी की कमी का दावा करने वाली रिपोर्टें जमीनी हकीकत से कोसों दूर हैं और भारत के पास आपूर्ति का पर्याप्त बैकअप मौजूद है।
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HPCL ने जारी किया स्पष्टीकरण: ‘पैनिक बाइंग’ से बचें नागरिक
मंत्रालय के अलावा, देश की अग्रणी तेल विपणन कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति साफ की है।
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सप्लाई पूरी तरह नॉर्मल: HPCL ने कहा कि तेल और गैस की सप्लाई चेन में किसी भी प्रकार की रुकावट की खबरें पूरी तरह भ्रामक और गुमराह करने वाली हैं। कंपनी के सभी रिटेल आउटलेट्स पर ऑपरेशन और सप्लाई पूरी तरह सामान्य है।
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अफवाहों पर न दें ध्यान: कंपनी ने आम जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाहों पर बिल्कुल ध्यान न दें। ईंधन की कोई कमी नहीं होने वाली है, इसलिए नागरिक किसी भी तरह की घबराहट में आकर जरूरत से ज्यादा खरीदारी (Panic Buying) करने से बचें।
वैश्विक मोर्चे पर भले ही अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की शर्तें वेंटिलेटर पर हों, लेकिन भारत सरकार के मजबूत और समयबद्ध आर्थिक प्रबंधन ने यह सुनिश्चित कर दिया है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित और आत्मनिर्भर है।






