केरल में UDF सरकार का शपथ ग्रहण, VD Satheesan बने नए मुख्यमंत्री; दिग्गज नेता रहे मौजूद

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दक्षिण भारत के राज्य केरल से आज राजनीति की एक बहुत बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। राज्य में एक दशक यानी पूरे 10 साल बाद सत्ता का तख्तापलट हुआ है और कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की वापसी हुई है। सोमवार की सुबह तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित एक भव्य और गरिमामय समारोह में नई VD Satheesan सरकार ने जिम्मेदारी संभाल ली है। आइए जानते हैं कि इस नए राजनीतिक बदलाव की मुख्य बातें क्या हैं और कैबिनेट में किन चेहरों को जगह मिली है।  

VD Satheesan

VD Satheesan ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ  

केरल में सोमवार को कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार का शपथ ग्रहण बड़े ही उत्साह के साथ संपन्न हुआ। इस नए सफर की शुरुआत करते हुए वरिष्ठ कांग्रेस नेता VD Satheesan ने केरल के नए मुख्यमंत्री के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ ली। यह समारोह तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में सुबह 10 बजे आयोजित किया गया था। इस जीत और शपथ ग्रहण के साथ ही राज्य में पिछले 10 सालों से चला आ रहा लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) का शासन समाप्त हो गया है और यूडीएफ की सत्ता में शानदार वापसी हुई है।

VD Satheesan

दिग्गज नेताओं का लगा जमावड़ा

इस ऐतिहासिक पल का गवाह बनने के लिए देश भर से कांग्रेस और विपक्ष के कई बड़े नेता मंच पर मौजूद रहे। समारोह में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा विशेष रूप से शामिल हुए। उनके अलावा कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, जैसे कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी और हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू भी तिरुवनंतपुरम पहुंचे। एक अच्छी राजनीतिक परंपरा दिखाते हुए केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और एलडीएफ नेता पिनराई विजयन भी इस शपथ ग्रहण समारोह के मंच पर नजर आए।

VD Satheesan

21 सदस्यीय कैबिनेट ने संभाला कार्यभार

नई सरकार कुल 21 सदस्यीय कैबिनेट के साथ राज्य की कमान संभालेगी। इस गठबंधन सरकार में सीटों और विभागों का बंटवारा भी तय हो गया है। कुल 21 मंत्रियों में से मुख्य पार्टी कांग्रेस को मुख्यमंत्री समेत 11 मंत्री पद मिले हैं। वीडी सतीशन के साथ शपथ लेने वाले मंत्रियों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला, के. मुरलीधरन और केपीसीसी (KPCC) प्रमुख सन्नी जोसेफ शामिल हैं। इसके अलावा गठबंधन के सहयोगी दलों के नेताओं को भी मंत्रिमंडल में उचित स्थान दिया गया है, जिसमें मॉन्स जोसेफ, शिबू बेबी जॉन और अनूप जैकब जैसे नाम प्रमुख हैं।

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कैबिनेट में आईयूएमएल को मिली बड़ी हिस्सेदारी

गठबंधन की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को इस बार कैबिनेट में अच्छी हिस्सेदारी मिली है। नई कैबिनेट में आईयूएमएल के 5 मंत्रियों को शामिल किया गया है। इनमें पी.के. कुन्हालीकुट्टी, पी.के. बशीर, एन. शमसुद्दीन, के.एम. शाजी और वी.ई. अब्दुल गफूर शामिल हैं। पार्टी ने यह भी साफ किया है कि एक आंतरिक समझौते के तहत ढाई साल के बाद कुट्टियाडी के विधायक परक्कल अब्दुल्ला को भी कैबिनेट का हिस्सा बनाया जाएगा।

इसके साथ ही अन्य प्रशासनिक नियुक्तियों की भी घोषणा कर दी गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता तिरुवनचूर राधाकृष्णन को केरल विधानसभा का नया अध्यक्ष (स्पीकर) बनाया गया है, जबकि शानिमोल उस्मान उपाध्यक्ष (डिप्टी स्पीकर) की जिम्मेदारी संभालेंगी। वहीं, विधायक अप्पू जॉन जोसेफ को सरकार का मुख्य सचेतक (Chief Whip) नियुक्त किया गया है।

केरल की जनता ने इस बार बदलाव के पक्ष में अपना फैसला सुनाया है और यूडीएफ को एक बड़ा और निर्णायक जनादेश दिया है। शपथ ग्रहण के बाद कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के नेताओं ने साफ किया है कि नई सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी मेहनत करेगी और अपने चुनावी वादों को चरणबद्ध तरीके से लागू करना शुरू करेगी। एक दशक बाद मिली इस सत्ता के बाद अब वीडी सतीशन और उनकी टीम के सामने राज्य के विकास और सुशासन को आगे बढ़ाने की एक बड़ी जिम्मेदारी होगी।

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