UP में Work from home की तैयारी, हफ्ते में 2 दिन घर से काम करने की मिल सकती है मंजूरी

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UP work from home news: अगर आप उत्तर प्रदेश में किसी बड़ी कंपनी या संस्थान में काम करते हैं, तो आपके लिए एक बेहद काम की और राहत भरी खबर है। दुनिया भर में चल रहे ऊर्जा संकट और तेल की बढ़ती कीमतों के बीच, अब यूपी सरकार कामकाजी लोगों के लिए एक नई और सुविधाजनक व्यवस्था बनाने जा रही है। चलिए जानते हैं कि सरकार की क्या तैयारी है और इससे कर्मचारियों को क्या फायदा होने वाला है।

बड़े संस्थानों के लिए जारी होगी एडवाइजरी

उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राज्य के बड़े व्यावसायिक संस्थानों में सप्ताह में कम से कम दो दिन ‘Work from home’ (घर से ही ऑनलाइन काम करना) की व्यवस्था लागू कराई जाए। मंत्री ने कहा कि जिन जगहों पर बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं, वहां इस व्यवस्था को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसके अलावा कार्यालय के समय को अलग-अलग शिफ्ट में बांटने और कर्मचारियों को कारपूलिंग या सरकारी बसों व मेट्रो का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करने को भी कहा गया है।

यह भी पढ़ें: वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच PM Modi की बड़ी चेतावनी, नागरिकों से की ये खास अपील

पश्चिम एशिया संकट को लेकर हेल्प डेस्क

श्रम मंत्री ने अधिकारियों के साथ एक वर्चुअल बैठक में पश्चिम एशिया और होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहे तनाव पर भी चिंता जताई। इस वैश्विक संकट के कारण खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय मूल के लोगों के बेरोजगार होने की आशंका बढ़ गई है। इसे देखते हुए यूपी सरकार प्रभावित होने वाले श्रमिकों की मदद के लिए एक विशेष ‘हेल्प डेस्क’ बनाने जा रही है। इसके साथ ही ई-श्रम पोर्टल के डेटा का इस्तेमाल कर संकट में फंसे मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ देने की योजना है। अधिकारियों को किसी भी तरह की अफवाह से निपटने के लिए अलर्ट पर रहने को कहा गया है।

दिल्ली-महाराष्ट्र के बाद अब यूपी

बैठक में इस बात पर भी चिंता जताई गई कि कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और गैस की कमी के कारण कई औद्योगिक इकाइयों की उत्पादन लागत तेजी से बढ़ रही है। यदि स्थिति लंबी चली तो उद्योगों को उत्पादन कम करना पड़ सकता है, जिससे कर्मचारियों की छंटनी जैसी स्थिति भी पैदा हो सकती है। इसी संभावना को देखते हुए श्रम विभाग ने संस्थानों और उद्योगों को अभी से वैकल्पिक व्यवस्थाएं अपनाने की सलाह दी है। सरकार चाहती है कि संस्थान डिजिटल कार्यप्रणाली को बढ़ावा दें और कर्मचारियों को सप्ताह में कम से कम दो दिन घर से काम करने की सुविधा दें। उत्तर प्रदेश से पहले दिल्ली और महाराष्ट्र समेत कई राज्य भी ऊर्जा बचत और संभावित आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए संस्थानों से work from home व्यवस्था बढ़ाने की अपील कर चुके हैं।

वैश्विक स्तर पर गहराते तेल और ऊर्जा संकट के बीच उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम काफी व्यावहारिक है। हफ्ते में दो दिन वर्क फ्रॉम होम मिलने और कारपूलिंग अपनाने से न केवल कीमती ईंधन और विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि रोज की भागदौड़ और प्रदूषण से भी राहत मिलेगी। उम्मीद है कि राज्य की औद्योगिक इकाइयां और स्टार्टअप्स इस पहल में सरकार का पूरा साथ देंगे।

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