LPG Price Today: घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत, स्थिर रहे दाम

LPG Price Today

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LPG Price Today: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के बीच भारतीय ऊर्जा बाजार से मिले-जुले संकेत मिल रहे हैं। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) ने आज, 16 मई (शनिवार) को 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। देश के सभी प्रमुख महानगरों और शहरों में घरेलू गैस के दाम स्थिर बने हुए हैं।

मार्च 2026 में हुई आंशिक बढ़ोतरी के बाद से तेल कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस की कीमतों को नियंत्रित रखा है, ताकि आम परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त प्रभाव न पड़े। हालांकि, दूसरी ओर व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर और 5 किलोग्राम के एफटीएल (FTL) सिलेंडर की दरों में बाजार व्यवस्था के अनुरूप बदलाव देखा गया है।

देश के प्रमुख शहरों में आज के ताजा एलपीजी रेट्स

भारत के विभिन्न राज्यों और शहरों में स्थानीय टैक्स (Vat) और माल ढुलाई शुल्क के कारण एलपीजी सिलेंडरों की कीमतें अलग-अलग होती हैं। 16 मई 2026 को देश के बड़े शहरों में निर्धारित दरें इस प्रकार हैं:

LPG Price Today (14.2 किलोग्राम)

  • नई दिल्ली: ₹913.00

  • नोएडा: ₹910.50

  • गुरुग्राम: ₹921.50

  • लखनऊ: ₹950.50

  • मुंबई: ₹912.50

  • कोलकाता: ₹939.00

  • चेन्नई: ₹928.50

  • बेंगलुरु: ₹915.50

  • चंडीगढ़: ₹922.50

  • जयपुर: ₹916.50

  • पटना: ₹1,002.50

  • हैदराबाद: ₹965.00

पेट्रोलियम बाजार और घरेलू संरक्षण की नीति

हाल ही में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में आए व्यवधानों के कारण पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में प्रति लीटर ₹3 तक का संशोधन देखा गया था। ऐसी स्थिति में ऊर्जा संकट के प्रभाव को आम जनता से दूर रखने के लिए घरेलू एलपीजी दरों को अपरिवर्तित रखना एक संतुलित नीतिगत कदम माना जा रहा है। इससे मध्यमवर्गीय और निम्न-मध्यमवर्गीय परिवारों को आवश्यक ईंधन के मोर्चे पर स्थिरता मिली है।

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वैश्विक ऊर्जा संकट और भविष्य की संभावनाएं

मिडिल ईस्ट (मध्य-पूर्व) में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल (Crude Oil) की लगातार बढ़ती वैश्विक मांग के कारण अंतरराष्ट्रीय पेट्रोलियम बाजार इस समय भारी दबाव में है। भारत अपनी तेल और गैस आवश्यकताओं का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए वैश्विक बाजार की गतिविधियों का असर घरेलू स्तर पर पड़ना स्वाभाविक है।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि तेल कंपनियां और सार्वजनिक नीति नियामक फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को बाजार के सीधे झटकों से बचाने का हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक उच्च स्तर पर बनी रहती हैं, तो आने वाले समय में बाजार की स्थिरता बनाए रखने के लिए एलपीजी दरों की समीक्षा की जा सकती है।

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