सड़क हादसे न सिर्फ किसी घर का चिराग बुझा देते हैं, बल्कि कई बार हंसते-खेलते पूरे परिवार को ही खत्म कर देते हैं। उत्तर प्रदेश के Bulandshahar जिले से एक ऐसी ही दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां शुक्रवार की शाम एक भीषण एक्सीडेंट में पति-पत्नी और उनके तीन छोटे बच्चों की मौत हो गई। यह हादसा इतना भयानक था कि देखने वालों की रूह कांप गई।

खुशियों के साथ निकले थे, मातम में बदला सफर
यह पूरी घटना Bulandshahar के देहात कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे-34 पर हुई। धमेड़ा कीरत गांव के रहने वाले उत्तम सिंह (45) अपने परिवार के साथ खुर्जा में किसी रिश्तेदारी में गए थे। उत्तम सिंह सिकंदराबाद की एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। उन्होंने जाने के लिए अपने एक दोस्त से बाइक मांगी थी और कहा था कि बस कुछ ही देर में काम निपटाकर लौट आएंगे। किसे पता था कि यह उनका आखिरी सफर साबित होगा। बाइक पर उनके साथ उनकी पत्नी उर्मिला (40) और तीन बच्चे—निशांत (8), दिशा (6) और अनायरा (4) सवार थे।

कैसे हुआ यह भीषण हादसा?
जानकारी के मुताबिक, शाम के करीब साढ़े 5 बजे थे। Bulandshahar हाईवे पर भैसौली कट के पास उत्तम सिंह अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। उस वक्त बाइक और आगे चल रहे ट्रक, दोनों की रफ्तार करीब 70 किमी प्रति घंटा थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक ट्रक ड्राइवर ने ब्रेक मारकर स्पीड कम कर दी। उत्तम सिंह अपनी बाइक पर कंट्रोल नहीं रख पाए और उनकी बाइक सीधे ट्रक के पीछे जा घुसी।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक का अगला हिस्सा पूरी तरह चकनाचूर हो गया। बाइक पर सवार पांचों लोग सड़क पर जा गिरे। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि पति-पत्नी और बच्चों के शव एक-दूसरे के ऊपर पड़े थे। हादसे के तुरंत बाद वहां भीड़ जुटने लगी, जिसे देखकर ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया।

प्रशासन की कार्रवाई और मौके का मंजर
घटना की जानकारी मिलते ही Bulandshahar के एसएसपी दिनेश कुमार सिंह और अन्य बड़े अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तुरंत सभी को अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने भाग रहे ट्रक का पीछा भी किया। ड्राइवर पुलिस को पीछे आता देख ट्रक छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने फिलहाल हरियाणा नंबर के उस ट्रक को कब्जे में ले लिया है और चालक की तलाश जारी है।
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उजड़ गया एक पूरा हंसता-खेलता परिवार
इस हादसे ने Bulandshahar के धमेड़ा कीरत गांव में सन्नाटा पसरा दिया है। उत्तम सिंह का सबसे बड़ा बेटा निशांत तीसरी कक्षा में पढ़ता था, जबकि बेटियां दिशा और अनायरा अभी बहुत छोटी थीं। परिवार में अब सिर्फ उत्तम के माता-पिता और भाई-बहन बचे हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। एक ही घर से पांच अर्थियां उठने की खबर ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है।
Bulandshahar में हुई यह घटना हमें सड़क पर सावधानी बरतने की याद दिलाती है। बाइक पर पांच लोगों का सवार होना और तेज रफ्तार, कहीं न कहीं जोखिम को बढ़ा देती है। हाईवे पर चलते समय वाहनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है। हमारी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं।
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