अगर आप लखनऊ में रहते हैं या इस शहर को करीब से जानते हैं, तो आपको पता होगा कि यहाँ के चौराहे और पार्क हमेशा से अपनी खास पहचान के लिए मशहूर रहे हैं। इसी कड़ी में अब Lucknow की खूबसूरती में एक और नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। शहर के ग्रीन कॉरिडोर को अब एक नई और दमदार पहचान मिलने वाली है, जो न केवल देखने में शानदार है बल्कि देश के गौरव को भी दर्शाती है।

समता मूलक के पास नया नजारा
हाल ही में Lucknow के समता मूलक चौराहे से थोड़ा आगे बढ़ने पर ग्रीन कॉरिडोर के पहले चौराहे पर स्वदेशी लड़ाकू विमान ‘तेजस’ का एक आकर्षक मॉडल लगाया गया है। इसे देखकर हर कोई रुकने को मजबूर हो रहा है। Lucknow विकास प्राधिकरण (LDA) ने इसे इस तरह से सेट किया है कि राहगीर और पर्यटक दूर से ही इसकी झलक पा सकें। यह जगह आने वाले दिनों में फोटो और सेल्फी के शौकीनों के लिए एक पसंदीदा स्पॉट बनने वाली है।

रक्षा मंत्री की खास पहल
इस प्रोजेक्ट के पीछे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा हाथ है। उन्हीं के निर्देश पर इस विमान का विशेष मॉडल बेंगलुरु से खासतौर पर Lucknow लाया गया था। काफी समय तक इसके हिस्सों को जनेश्वर मिश्र पार्क में संभाल कर रखा गया था और अब इसे चौराहे पर पूरी शान के साथ स्थापित कर दिया गया है। Lucknow की सड़कों पर तेजस का यह मॉडल भारतीय वायुसेना की ताकत की याद दिलाता रहेगा।

युवाओं के लिए जानकारी का केंद्र
एलडीए की योजना सिर्फ मॉडल लगाने तक ही सीमित नहीं है। अब इस जगह को ‘तेजस चौराहा’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। Lucknow के इस नए लैंडमार्क पर बड़े सूचना बोर्ड भी लगाए जाएंगे। इन बोर्ड्स के जरिए यहाँ आने वाले लोगों और युवाओं को तेजस विमान की खूबियों, उसकी रफ़्तार और भारतीय रक्षा प्रणाली में उसके महत्व के बारे में विस्तार से पता चलेगा। इससे Lucknow के युवाओं को देश की रक्षा तकनीक को करीब से समझने का मौका मिलेगा।
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जल्द होगा औपचारिक उद्घाटन
हालांकि अभी Lucknow के इस चौराहे पर मॉडल लग चुका है और लोग इसे देखने भी पहुँच रहे हैं, लेकिन इसका औपचारिक उद्घाटन होना अभी बाकी है। एलडीए के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही तारीख तय कर इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। Lucknow का यह ग्रीन कॉरिडोर अब अपनी आधुनिकता के साथ-साथ देशभक्ति का संदेश भी देगा।
Lucknow का यह नया ‘तेजस चौराहा’ न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाएगा बल्कि पर्यटन के लिहाज से भी एक बड़ा केंद्र बनेगा। अगर आप भी गोमती किनारे की सैर पर निकलें, तो इस स्वदेशी गौरव को देखना न भूलें।






