Google cloud free storage pros and cons: आजकल टेलीकॉम कंपनियों के बीच होड़ मची है। जियो और एयरटेल अपने कई रिचार्ज प्लान्स के साथ ग्राहकों को लुभाने के लिए फ्री में गूगल क्लाउड स्टोरेज का ऑफर दे रहे हैं। पहली नज़र में यह सौदा काफी फायदे का लगता है, क्योंकि आपको 6 महीने या साल भर के लिए ढेर सारी एक्स्ट्रा जगह मिल जाती है। लेकिन क्या आपने सोचा है कि जब यह 'फ्री' का समय खत्म होगा, तब आपके डेटा का क्या होगा?

मुफ्त स्टोरेज की समय सीमा खत्म होने का खतरा
गूगल आमतौर पर हर यूजर को 15GB फ्री स्पेस देता है, जिसमें आपकी ईमेल, ड्राइव फाइलें और फोटोज शामिल होते हैं। Jio Airtel रिचार्ज ऑफर के तहत जब आपको 100GB या उससे ज्यादा स्टोरेज मिलती है, तो हम बिना सोचे-समझे उसे भरने लगते हैं। असली समस्या तब आती है जब यह फ्री पीरियड खत्म हो जाता है। जैसे ही आपकी स्टोरेज वापस 15GB पर आएगी, आपका अकाउंट ‘ओवरलिमिट’ हो जाएगा। इसका नतीजा यह होगा कि आपके जरूरी ईमेल आना बंद हो जाएंगे और आप नई फाइलें सेव नहीं कर पाएंगे।

डेटा डाउनलोड और मैनेजमेंट की चुनौती
अगर आपने जोश में आकर क्लाउड पर 50-60GB फोटो या वीडियो डाल दिए हैं, तो बाद में उन्हें वहां से निकालना कोई आसान काम नहीं है। एक साथ इतना बड़ा डेटा डाउनलोड करना और उसे किसी हार्ड ड्राइव या दूसरे अकाउंट में शिफ्ट करना बहुत समय लेता है। क्लाउड स्टोरेज के नुकसान तब ज्यादा महसूस होते हैं जब आपके पास बैकअप का कोई दूसरा विकल्प नहीं होता और आपको मजबूरी में अपना डेटा बचाने के लिए हर महीने पैसे देकर प्लान खरीदना पड़ता है।
अगर आप फ्री क्लाउड स्टोरेज इस्तेमाल कर रहे हैं, तो याद रखें कि गूगल फोटो ऐप पर बैकअप को ऑन ना करें। दरअसल किसी भी फोन पर सबसे ज्यादा स्टोरेज फोटो-वीडियो ही लेती हैं। ऐसे में उन्हें क्लाउड में स्टोर करके आप स्टोरेज का बहुत बड़ा हिस्सा जल्दी-जल्दी भर सकते हैं।
वहीं आप इस स्टोरेज को ईमेल के लिए या ड्राइव पर जरूरी डॉक्यूमेंट्स आदि को सेव करने के लिए कर सकते हैं। अगर आपके लिए किसी खास फोटो या वीडियो को सेव रखना जरूरी है, तो उसके लिए ड्राइव ऐप में अलग से फोल्डर बनाकर उस तय फोटो-वीडियो को सेव करें। इससे क्लाउड पर सारी फोटो वीडियो अपलोड नहीं होगी और आप उतनी ही स्टोरेज इस्तेमाल करेंगे, जिसे आप बाद में पैसे खर्च करके इस्तेमाल कर सकें या आसानी से खाली कर सकें। फ्री क्लाउड स्टोरेज में फोटो-वीडियो अपलोड ना हों इसके लिए Photos ऐप का बैकअप बंद करना जरूरी होता है।

बजट पर पड़ता सीधा असर
शुरुआत में मुफ्त दिखने वाली यह सुविधा आगे चलकर आपका मासिक खर्च बढ़ा सकती है। गूगल के पेड प्लान्स की शुरुआत लगभग 130 रुपये से होती है और ज्यादा डेटा के लिए यह कीमत काफी ऊपर चली जाती है जैसे 2 स्टोरेज के लिए आपको करीब 650 रुपये देने पड़ सकते हैं अगर आप चाहते हैं कि आपका काम न रुके, तो गूगल स्टोरेज मैनेज कैसे करें यह सीखना बहुत जरूरी है। हमेशा याद रखें कि फ्री गूगल क्लाउड स्टोरेज का इस्तेमाल सिर्फ उन्हीं फाइलों के लिए करें जिन्हें आप बाद में आसानी से हटा सकें।

तकनीक की दुनिया में कुछ भी पूरी तरह ‘मुफ्त’ नहीं होता। टेलीकॉम कंपनियों के ये ऑफर अच्छे हैं, बशर्ते आप इनका इस्तेमाल सावधानी से करें। अपने क्लाउड को फालतू कचरे से न भरें और समय-समय पर जरूरी डेटा का ऑफलाइन बैकअप लेते रहें, ताकि फ्री ऑफर खत्म होने पर आपको पछताना न पड़े।
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