प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर अपने संसदीय क्षेत्र Varanasi के दौरे पर आ रहे हैं। यह उनका 54वां काशी दौरा है, लेकिन इस बार का आयोजन पहले के दौरों से काफी अलग और खास होने वाला है। इस पूरे दौरे के केंद्र में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' है। बरेका इंटर कॉलेज के मैदान में आयोजित होने वाले 'जनाक्रोश महिला सम्मेलन' की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ मंच से लेकर दर्शकों तक, सिर्फ महिलाओं का ही बोलबाला नजर आएगा।
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मातृशक्ति को समर्पित एक अनोखा आयोजन
भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष दिलीप पटेल का कहना है कि प्रधानमंत्री का यह दौरा पूरी तरह से मातृशक्ति को समर्पित है। इस कार्यक्रम की रूपरेखा इस तरह तैयार की गई है कि मंच पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के अलावा बाकी सभी कुर्सियों पर महिला जनप्रतिनिधि ही नजर आएंगी। पुरुषों को मंच पर जगह नहीं दी जाएगी; यहाँ तक कि बड़े पुरुष नेताओं और जनप्रतिनिधियों के बैठने की व्यवस्था भी नीचे वीआईपी गैलरी में की गई है।
मंच पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ लगभग 25 महिला प्रतिनिधि बैठेंगी, जिनमें प्रधान, पार्षद, जिला पंचायत अध्यक्ष और सदस्य शामिल हैं। यह संदेश देने की कोशिश है कि सरकार महिलाओं की भागीदारी को जमीनी स्तर पर कितना महत्व दे रही है।
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महिलाओं के हाथ में होगी सुरक्षा और व्यवस्था की कमान
इस सम्मेलन की एक और दिलचस्प बात यह है कि कार्यक्रम स्थल की पूरी जिम्मेदारी महिलाओं को ही सौंपी गई है। लाइजनिंग से लेकर मंच के संचालन तक का काम महिला कार्यकर्ता और समाजसेवी संभालेंगी। सुरक्षा की बात करें तो पंडाल के भीतर और आसपास महिला पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। वाराणसी के साथ-साथ पड़ोसी जिलों से भी महिला फोर्स को यहाँ बुलाया गया है। आयोजन समिति ने साफ कर दिया है कि व्यवस्था में लगे कुछ जरूरी पुरुष कार्यकर्ताओं को छोड़कर पंडाल के मुख्य हिस्से में किसी भी पुरुष की एंट्री नहीं होगी।

घर-घर दस्तक और 50 हजार महिलाओं का लक्ष्य
इस बड़े सम्मेलन को सफल बनाने के लिए भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है। रोहनिया स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में हुई बैठकों में यह लक्ष्य रखा गया है कि इस कार्यक्रम में कम से कम 50 हजार महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए महिला मोर्चा की टीमें घर-घर जाकर महिलाओं को आमंत्रित कर रही हैं। हर पार्षद को अपने वार्ड से कम से कम 100 महिलाओं को साथ लाने की जिम्मेदारी दी गई है। शहर की हर विधानसभा और ब्लॉक से महिलाओं को लाने के लिए वाहनों, पीने के पानी और बैठने की पुख्ता व्यवस्था पर चर्चा की गई है।
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गोल्फकार्ट से संवाद और खास कॉरिडोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब बरेका इंटर कॉलेज पहुँचेंगे, तो वे सीधे मंच पर नहीं जाएंगे। पिछली बार की तरह इस बार भी वे गोल्फकार्ट में सवार होकर पंडाल के बीच से गुजरेंगे। महिलाओं के बैठने के लिए 42 ब्लॉक बनाए गए हैं और पूरे पंडाल को छह अलग-अलग सेक्टर में बांटा गया है। बीच में करीब 12 फीट चौड़ा एक कॉरिडोर बनाया गया है, जहाँ से प्रधानमंत्री गोल्फकार्ट के जरिए महिलाओं के करीब जाकर उनसे सीधा संवाद करेंगे। इससे महिलाओं में उत्साह तो बढ़ता ही है, साथ ही प्रधानमंत्री को भी अपने संसदीय क्षेत्र की जनता की नब्ज समझने का मौका मिलता है।
महिलाओं के बैठने के लिए 42 ब्लॉक बनाए गए हैं। पूरे पंडाल को छह सेक्टर में बांटा गया है। गोल्फकार्ट से प्रधानमंत्री पंडाल में करीब 12 फीट चौड़े कॉरिडोर से हर सेक्टर में महिलाओं से संवाद करेंगे।
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प्रधानमंत्री का यह 54वां Varanasi दौरा केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नारी शक्ति की एकजुटता दिखाने का एक बड़ा जरिया है। प्रशासन और संगठन दोनों ही इसे यादगार बनाने में जुटे हैं। ‘नारी शक्ति वंदन’ के माध्यम से सरकार यह जताना चाहती है कि आने वाले समय में महिलाओं की भूमिका राजनीति और समाज में और भी ज्यादा मजबूत होने वाली है। काशी की जनता, खासकर महिलाओं के लिए बुधवार का दिन बेहद खास रहने वाला है।







