Rajya Sabha में आम आदमी पार्टी पर बड़ा सियासी संकट, राघव चड्ढा समेत दो-तिहाई सदस्यों ने किया BJP में विलय का ऐलान

Rajya Sabha

Share This Article

Rajya Sabha में आम आदमी पार्टी (AAP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा जब पार्टी के तीन सांसदों राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने पार्टी में विभाजन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में पार्टी के दो-तिहाई सदस्यों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय करने का निर्णय लिया है। इस घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है और इसे AAP के लिए एक बड़ा संगठनात्मक संकट माना जा रहा है।

Rajya Sabha सांसदों ने किया BJP में विलय का दावा

राघव चड्ढा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि Rajya Sabha में AAP के 10 सांसद हैं, जिनमें से 7 सांसदों ने पार्टी छोड़कर BJP में शामिल होने का फैसला किया है। उन्होंने बताया कि यह निर्णय संवैधानिक प्रावधानों के तहत लिया गया है और इसकी जानकारी Rajya Sabha के सभापति को दे दी गई है। उनके अनुसार, यह फैसला बहुमत के आधार पर लिया गया है और सभी आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा कर दिया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि जिन सांसदों ने यह निर्णय लिया है, उन्होंने लिखित रूप में अपनी सहमति दी है और यह प्रक्रिया पूरी तरह से नियमों के अनुसार की गई है। इस बयान के बाद राजनीतिक विश्लेषकों के बीच इस घटनाक्रम को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

विचारधारा से भटकने का आरोप

राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि AAP अब अपनी मूल विचारधारा से दूर जा चुकी है। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी को उन्होंने अपने जीवन के कई वर्ष दिए, वह अब जनहित के बजाय निजी स्वार्थों के लिए काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ वर्षों से उन्हें पार्टी की दिशा को लेकर लगातार असहमति महसूस हो रही थी।

उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी आ गई है और संगठनात्मक स्तर पर कई बदलाव ऐसे हुए हैं जिनसे पुराने सिद्धांतों को नुकसान पहुंचा है। इसी कारण उन्होंने और उनके साथियों ने यह बड़ा कदम उठाने का फैसला किया।

पार्टी में पहले से चल रहा तनाव

इस फैसले से पहले ही AAP में आंतरिक विवाद की स्थिति बनी हुई थी। हाल ही में राघव चड्ढा को Rajya Sabha में उपनेता पद से हटा दिया गया था, जिसके बाद पार्टी के भीतर मतभेद और बढ़ गए थे। इसके अलावा पार्टी के अंदर नेतृत्व और रणनीति को लेकर भी कई स्तरों पर असहमति की खबरें सामने आती रही हैं।

पार्टी के कुछ अन्य नेताओं ने भी पहले संकेत दिए थे कि संगठन के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं चल रहा है। इस घटनाक्रम ने उन सभी चर्चाओं को और अधिक मजबूत कर दिया है।

सोशल मीडिया पर सफाई और आरोपों का जवाब

Rajya Sabha सांसद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया पर अपने खिलाफ चल रहे अभियान को सुनियोजित बताया था। उन्होंने कहा था कि एक जैसी भाषा और एक जैसे आरोपों के जरिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इन सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा था कि यह एक संगठित प्रयास है।

उन्होंने यह भी कहा था कि शुरुआत में उन्होंने प्रतिक्रिया न देने का फैसला किया था, लेकिन लगातार फैलाए जा रहे दावों के कारण उन्हें सामने आकर सफाई देनी पड़ी। उनके अनुसार, उनके खिलाफ चल रहा यह अभियान राजनीतिक रूप से प्रेरित है और इसका उद्देश्य उनकी छवि को प्रभावित करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

आपके क्षेत्र में सबसे मजबूत दल कौन है?
  • Add your answer

Also Read This