UP: सूरज की तपिश अब डराने लगी है। अप्रैल के महीने में ही पारा जिस तेजी से ऊपर जा रहा है, उसने प्रशासन और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर छोटे बच्चों के लिए दोपहर की चिलचिलाती धूप में घर लौटना किसी चुनौती से कम नहीं था। इसी को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव किया है ताकि बच्चों को भीषण गर्मी और लू की चपेट में आने से बचाया जा सके।
परिषदीय स्कूल के समय में हुआ बदलाव
बेसिक शिक्षा परिषद के निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने सोमवार को नया आदेश जारी कर दिया है। अब सभी परिषदीय स्कूल सुबह 08:00 बजे के बजाय 07:30 बजे खुलेंगे। बच्चों के लिए स्कूल की छुट्टी अब दोपहर 12:30 बजे हो जाएगी। हालांकि, शिक्षकों और कर्मचारियों को थोड़ा और समय देना होगा; उन्हें प्रशासनिक और अन्य जरूरी कामों को निपटाने के लिए दोपहर 01:30 बजे तक स्कूल में मौजूद रहना होगा।

नया टाइम-टेबल और लंच ब्रेक
स्कूल खुलने के साथ ही दिनचर्या में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। सुबह 07:30 से 07:40 तक प्रार्थना सभा और योगाभ्यास होगा। वहीं, बच्चों के सबसे पसंदीदा ‘लंच ब्रेक’ के समय को भी बदल दिया गया है। अब मिड-डे मील या लंच के लिए सुबह 10:00 बजे से 10:15 बजे तक का समय तय किया गया है। मकसद साफ है कि गर्मी बढ़ने से पहले ही जरूरी पढ़ाई और गतिविधियां पूरी कर ली जाएं।
प्राइवेट स्कूलों के लिए क्या हैं निर्देश?
अक्सर मन में सवाल आता है कि क्या यह नियम प्राइवेट स्कूलों पर भी लागू होगा? सरकार ने इस पर स्पष्ट किया है कि मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों के प्रबंधन को स्थानीय मौसम और परिस्थितियों के हिसाब से फैसला लेने की छूट दी गई है। हालांकि, उन्हें भी सलाह दी गई है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि रखें। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे बेसिक शिक्षा परिषद के इस आदेश का सख्ती से पालन कराएं।
बदलते मौसम के हिसाब से स्कूलों का समय बदलना एक राहत भरा कदम है। अभिभावकों को भी सलाह दी जाती है कि वे बच्चों को स्कूल भेजते समय पानी की बोतल और सिर ढकने के लिए टोपी या अंगोछा साथ जरूर दें। सावधानी ही इस तपती गर्मी में सबसे बड़ा बचाव है।







