Uttar Pradesh में अप्रैल का महीना ही अब जून जैसी तपिश का अहसास कराने लगा है। आज सोमवार को भी सूरज के तेवर इतने शख्त हैं कि घर से बाहर निकलना दूभर हो गया है। राजधानी लखनऊ से लेकर बुंदेलखंड और पूर्वांचल के मैदानों तक, हर तरफ बस गर्म हवाओं का राज है। मौसम विभाग (IMD) की मानें तो अभी राहत की कोई उम्मीद नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में पारा और ऊपर जा सकता है।
Uttar Pradesh में गर्मी का सितम: 11 जिलों में लू की चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर प्रदेश के एक बड़े हिस्से के लिए भीषण गर्मी और लू (Heatwave) का रेड अलर्ट जारी कर दिया है। वर्तमान में जो स्थिति बनी हुई है, उसमें राजस्थान की ओर से आने वाली गर्म पछुआ हवाओं ने पूरे प्रदेश को भट्टी की तरह तपा दिया है। प्रयागराज और वाराणसी मंडल के जिलों में तो हालात और भी ज्यादा खराब हैं। यहाँ दोपहर के समय गर्म हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रचंड गर्मी के पीछे का कारण वातावरण में नमी का पूरी तरह खत्म हो जाना है। जब हवा में नमी नहीं होती, तो सूरज की किरणें सीधे जमीन को और अधिक गर्म करती हैं। साथ ही, आंतरिक महाराष्ट्र के ऊपर बने एक एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम (प्रतिचक्रवात) ने उत्तर प्रदेश की ओर गर्म हवाओं को धकेलना शुरू कर दिया है, जिससे तापमान सामान्य से कई डिग्री ऊपर बना हुआ है।
प्रयागराज और बांदा में पारा 44 डिग्री के पार
अगर बात करें सबसे गर्म इलाकों की, तो बुंदेलखंड और संगम नगरी प्रयागराज इस सूची में सबसे ऊपर हैं। बांदा में तो शनिवार को ही अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम का अब तक का रिकॉर्ड है। वहीं प्रयागराज में भी पारा 44.4 डिग्री तक जा पहुँचा है। इन इलाकों में दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है क्योंकि गर्म हवाएं शरीर को झुलसा देने वाली हैं।
बांदा, चित्रकूट, कौशाम्बी और प्रतापगढ़ जैसे जिलों में प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि वे बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। यहाँ लू का असर इतना तेज है कि रात के समय भी तापमान में गिरावट नहीं आ रही है, जिसे मौसम विभाग ‘वार्म नाइट’ यानी गर्म रात की श्रेणी में रख रहा है।
वाराणसी और पूर्वांचल में झुलसाती हवाएं
धर्मनगरी वाराणसी और पूर्वांचल के अन्य जिलों जैसे सुल्तानपुर, जौनपुर, गाजीपुर और मिर्जापुर में भी सूरज की आग से कोई बच नहीं पा रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इन इलाकों में 15 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं। पूर्वांचल में रात का न्यूनतम तापमान भी 25 डिग्री के ऊपर बना हुआ है, जिससे लोगों को रात में भी चैन नहीं मिल रहा है।
पूर्वांचल के किसानों के लिए भी यह समय चुनौतीपूर्ण है। बढ़ती गर्मी की वजह से फसलों में नमी तेजी से कम हो रही है। कृषि विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि फसलों को बचाने के लिए शाम या रात के समय हल्की सिंचाई जरूर करें। इससे मिट्टी का तापमान कम रहेगा और पौधों को झुलसने से बचाया जा सकेगा।
लखनऊ और कानपुर में गर्मी का नया रिकॉर्ड
राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर में भी गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है। लखनऊ में पारा 42 डिग्री के करीब पहुँच गया है, जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक है। आसमान बिल्कुल साफ होने के कारण धूप की तपिश सीधे महसूस हो रही है। कानपुर मंडल में भी आने वाले दिनों में तापमान 43 से 44 डिग्री के स्तर को छू सकता है।
पछुआ हवाओं के कारण हवा की नमी गिर गई है, जिससे लोगों को त्वचा में जलन और डिहाइड्रेशन की समस्या हो रही है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा है ताकि लू की चपेट में आने वाले मरीजों का तुरंत इलाज किया जा सके।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश: गर्म रातें और लू का अलर्ट
पश्चिमी यूपी के आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा और मेरठ में भी गर्मी का प्रकोप कम नहीं है। ताजनगरी आगरा में पारा लगातार 43 डिग्री के ऊपर बना हुआ है। यहाँ सहारनपुर, शामली और मुजफ्फरनगर जैसे जिलों में ‘वार्म नाइट’ की चेतावनी दी गई है। इसका मतलब है कि रात के समय भी आपको वैसी ही बेचैनी महसूस होगी जैसी दोपहर में होती है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय न होने के कारण यहाँ धूल भरी गर्म हवाएं चल रही हैं, जिससे आम जनजीवन प्रभावित है।
अगले 7 दिनों का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट बताती है कि अगले एक हफ्ते तक पूरे प्रदेश में बारिश की कोई संभावना नहीं है।
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21-22 अप्रैल: पारा 41 से 42 डिग्री के बीच बना रहेगा और लू का असर जारी रहेगा।
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23-24 अप्रैल: तापमान में 1 से 2 डिग्री की और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे कई जिलों में पारा 45 डिग्री के करीब पहुँच सकता है।
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बारिश की स्थिति: आसमान ज्यादातर साफ रहेगा। हालांकि बीच-बीच में हल्के बादल दिख सकते हैं, लेकिन वे बारिश नहीं लाएंगे, बल्कि उमस को और बढ़ा देंगे।
गर्मी और लू से बचाव के लिए जरूरी बातें
जब मौसम विभाग रेड अलर्ट जारी करता है, तो हमें अपनी सेहत को लेकर बहुत सावधान रहने की जरूरत होती है। डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुछ जरूरी सुझाव दिए हैं:
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पानी का खूब सेवन करें: प्यास न भी लगे, तब भी पानी पीते रहें। शरीर में पानी की कमी न होने दें। ओआरएस का घोल, लस्सी, नींबू पानी और ताजी छाछ का सेवन बहुत फायदेमंद होता है।
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सही कपड़ों का चुनाव: बाहर निकलते समय हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनें। ये पसीने को सोखते हैं और शरीर को ठंडा रखते हैं।
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धूप से बचाव: अपने सिर को हमेशा ढककर रखें। तौलिया, टोपी या छाते का इस्तेमाल करें। आंखों के बचाव के लिए धूप का चश्मा पहनें।
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हल्का भोजन: दोपहर के समय भारी और अधिक प्रोटीन वाला भोजन करने से बचें। बासी भोजन बिल्कुल न खाएं क्योंकि गर्मी में खाना जल्दी खराब होता है।
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समय का ध्यान: कोशिश करें कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में न जाएं। अगर जाना जरूरी हो, तो पर्याप्त सुरक्षा के साथ निकलें।
उत्तर प्रदेश में इस बार गर्मी ने वक्त से पहले ही अपना प्रचंड रूप दिखा दिया है। जिस तरह से पारा 44 डिग्री को पार कर चुका है, वह संकेत है कि आने वाला मई और जून का महीना और भी कठिन हो सकता है। मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें और अपनी सेहत का ख्याल रखें। याद रखें, सावधानी ही इस लू और तपिश से बचने का सबसे बड़ा हथियार है। खुद भी सुरक्षित रहें और अपने परिवार के बुजुर्गों और बच्चों का भी विशेष ध्यान रखें।
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