बिहार की सियासत में इन दिनों वह हो रहा है जिसकी चर्चा पिछले काफी समय से गलियारों में चल रही थी। Bihar में सत्ता परिवर्तन की पटकथा पूरी तरह लिखी जा चुकी है और अब बस औपचारिकताएं बाकी हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंगलवार, 14 अप्रैल को अपनी आखिरी कैबिनेट बैठक करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस बैठक के तुरंत बाद वे राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप देंगे। इसके साथ ही Bihar में करीब दो दशकों से चला आ रहा 'नीतीश युग' समाप्त होने की ओर है।
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आखिरी कैबिनेट बैठक और इस्तीफे का पूरा शेड्यूल
तय कार्यक्रम के अनुसार, 14 अप्रैल को सुबह 11 बजे पटना स्थित मुख्य सचिवालय में मंत्रिमंडल की बैठक बुलाई गई है। यह बैठक नीतीश कुमार के कार्यकाल की अंतिम औपचारिक बैठक होगी। लेकिन राजभवन जाने से पहले नीतीश कुमार बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन करेंगे। बिहार के राजनीतिक जानकार इसे एक भावुक पल के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि 20 सालों तक प्रदेश की कमान संभालने के बाद नीतीश कुमार अब एक नई भूमिका में नजर आ सकते हैं।
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शिवराज सिंह चौहान संभालेंगे नेतृत्व परिवर्तन की कमान
भारतीय जनता पार्टी ने इस पूरी प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। Bihar बीजेपी के विधायक दल की बैठक में शिवराज सिंह चौहान मौजूद रहेंगे और नए मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे। रविवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की नीतीश कुमार के साथ हुई लंबी मुलाकात ने पहले ही साफ कर दिया था कि एनडीए के अंदर सब कुछ तय हो चुका है और अब केवल आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
15 अप्रैल को मिल सकता है नया मुख्यमंत्री
Bihar की जनता के मन में इस समय सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? सूत्रों की मानें तो 15 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद एनडीए विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नेता का चुनाव कर सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा। चर्चा यह भी है कि नए मुख्यमंत्री के साथ एक पूरी नई कैबिनेट भी शपथ ले सकती है, जो नए तेवर और कलेवर के साथ काम करेगी।
20 साल बाद बदलेगी सत्ता की कार्यशैली
पिछले 20 वर्षों से Bihar की राजनीति के केंद्र में रहे नीतीश कुमार के हटने के बाद शासन का स्वरूप कैसा होगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता हस्तांतरण की यह प्रक्रिया काफी शांतिपूर्ण तरीके से चल रही है। Bihar में एनडीए के नए स्वरूप और उसकी कार्यशैली को लेकर आम लोगों में काफी उत्सुकता देखी जा रही है।
Bihar के लिए यह सप्ताह ऐतिहासिक होने वाला है। एक तरफ जहाँ मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार की विदाई की तैयारी है, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी और एनडीए एक नए नेतृत्व के साथ प्रदेश को आगे ले जाने का दावा कर रहे हैं। Bihar की जनता उम्मीद कर रही है कि नेतृत्व में यह बदलाव प्रदेश के विकास की गति को और तेज करेगा। अब देखना यह है कि 15 अप्रैल को किसके सिर पर मुख्यमंत्री का ताज सजता है।
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