Israel UP Workers News: ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी भीषण जंग, आसमान से बरसती मिसाइलों और ताबड़तोड़ हमलों के बीच इजरायल में कार्यरत उत्तर प्रदेश के लगभग 6000 श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर देशभर में गहरी चिंता जताई जा रही थी। सोशल मीडिया और विभिन्न हलकों में यह सवाल लगातार उठ रहे थे कि क्या ये मजदूर सुरक्षित हैं और क्या उन्हें वापस भारत लाया जाएगा? इन तमाम आशंकाओं और सवालों पर विराम लगाते हुए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि Israel UP Workers की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वर्तमान में सभी श्रमिक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री योगी की सीधी निगरानी और सरकारी तत्परता
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रमुख सचिव (श्रम एवं सेवायोजन) डॉ. शन्मुगा सुंदरम ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस संवेदनशील मामले की निगरानी कर रहे हैं। उनके स्पष्ट निर्देश हैं कि विदेश में काम कर रहे उत्तर प्रदेश के किसी भी नागरिक की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसी प्रतिबद्धता के तहत, शासन स्तर पर Israel UP Workers का पूरा डेटाबेस तैयार किया गया है और उसे तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास के साथ साझा किया गया है। दूतावास के अधिकारी नियमित रूप से इन श्रमिकों की लोकेशन और उनके स्वास्थ्य की जानकारी राज्य सरकार को दे रहे हैं।
तनावपूर्ण माहौल में भी हौसला बुलंद
इजरायल और ईरान के बीच इस संघर्ष को अब 5 हफ्ते से अधिक का समय बीत चुका है। ईरान द्वारा तेल अवीव जैसे प्रमुख शहरों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी जा रही हैं, जिससे वहां रह रहे प्रवासियों में डर का माहौल होना स्वाभाविक है। हालांकि, डॉ. शन्मुगा सुंदरम ने साफ किया कि इतने तनावपूर्ण हालात के बावजूद अभी तक Israel UP Workers की ओर से भारत लौटने का कोई विशेष दबाव या सामूहिक मांग सामने नहीं आई है। अधिकांश श्रमिक अपने कार्यस्थलों पर बने हुए हैं और वे भारतीय दूतावास द्वारा जारी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं।
आपात स्थिति के लिए ‘प्लान-बी’ तैयार
उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है और यहां से बड़ी संख्या में कुशल और अकुशल श्रमिक इजरायल में निर्माण (Construction), कृषि (Agriculture) और देखभाल (Caregiving) जैसे क्षेत्रों में काम करने गए हैं। इसे देखते हुए योगी सरकार ने केवल निगरानी ही नहीं, बल्कि आपातकालीन निकासी की योजना भी तैयार रखी है। प्रमुख सचिव ने बताया कि यदि युद्ध की स्थिति और बिगड़ती है या कोई श्रमिक स्वेच्छा से वापस आना चाहता है, तो उनकी सुरक्षित घर वापसी के लिए केंद्र सरकार के सहयोग से विशेष व्यवस्था की गई है। इसके लिए Israel UP Workers के परिवारों को भी जिला स्तर पर सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।
दूतावास और श्रम विभाग का मजबूत समन्वय
योगी सरकार ने युद्ध की शुरुआत से ही सक्रिय भूमिका निभाते हुए सभी जिला मजदूर कल्याण अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा है। भारतीय दूतावास ने आश्वासन दिया है कि इजरायल में मौजूद हर भारतीय नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी संभव उपाय किए जा रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि Israel UP Workers के लिए हेल्पलाइन नंबर और संपर्क सूत्र भी सक्रिय हैं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तुरंत संवाद स्थापित किया जा सके।
इजरायल में काम कर रहे हजारों यूपी के श्रमिकों के परिवारों के लिए यह राहत की खबर है कि उनके अपने सुरक्षित हैं। सरकार की यह तत्परता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किया जा रहा समन्वय दर्शाता है कि प्रदेशवासियों के हितों की रक्षा के लिए शासन पूरी तरह मुस्तैद है। आने वाले दिनों में स्थिति पर निरंतर नजर रखी जाएगी ताकि Israel UP Workers की सुरक्षा में कोई कमी न रहे।
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