उत्तर प्रदेश के Agra जिले में पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। ताजनगरी में सक्रिय एक शातिर गैंग क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स को कैश में रिडीम कराने का झांसा देकर देशभर के लोगों की गाढ़ी कमाई डकार रहा था। Agra की साइबर सेल और सदर थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से इस गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह अब तक करोड़ों रुपये की ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है।

नेशनल पोर्टल की शिकायतों से खुला राज
इस गिरोह का खेल तब बिगड़ा जब नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) और समन्वय पोर्टल पर पीड़ितों ने अपनी शिकायतें दर्ज करानी शुरू कीं। आगरा के डीसीपी साइबर क्राइम आदित्य ने बताया कि हाल ही में बेंगलुरु की रहने वाली एक महिला से 1.30 लाख रुपये की ठगी हुई थी। इसके अलावा, आगरा के स्थानीय निवासियों से भी इसी तरह के फ्रॉड की खबरें मिली थीं। जब पुलिस ने इन ठगी की वारदातों में इस्तेमाल हुए मोबाइल नंबरों और आईपी एड्रेस (IP Address) की लोकेशन ट्रैक की, तो सभी सुराग आगरा के सदर और आसपास के इलाकों की ओर इशारा करने लगे।
हाईटेक तरीके से बांट रखी थी जिम्मेदारियां
पकड़े गए आरोपियों की कार्यप्रणाली बेहद पेशेवर थी। Agra पुलिस की पूछताछ में पता चला कि गिरोह के अधिकांश सदस्य ग्रेजुएट हैं और उन्होंने आपस में काम बांट रखा था। कुछ सदस्य फर्जी दस्तावेजों पर बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे, तो कुछ लोग कॉल सेंटर की तरह काम करते हुए लोगों को अपनी बातों के जाल में फंसाते थे। जैसे ही पीड़ित अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी या ओटीपी साझा करता, उसके खाते से पैसे गायब हो जाते थे। Agra के इस गैंग ने ठगी के तुरंत बाद इस्तेमाल किए गए सिम और बैंक अकाउंट को बंद करने का तरीका अपना रखा था ताकि पुलिस उन तक न पहुंच सके।
बरामदगी और फरार आरोपियों की तलाश
पुलिस ने Agra के अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर 10 मोबाइल फोन, 7 एटीएम कार्ड, 3 आधार कार्ड और नकद बरामद किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में देव चौहान, अभिषेक मुदगल और सुहैल कुरैशी जैसे नाम शामिल हैं। हालांकि, गिरोह का मुख्य सरगना अजय कुशवाह और उसके 10 अन्य साथी अभी भी फरार हैं। Agra पुलिस की कई टीमें इन फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं। डीसीपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ एसनीआरपी व समन्वय पोर्टल पर 60 लाख रुपये से अधिक की ठगी की आधिकारिक शिकायतें दर्ज हैं, लेकिन वास्तविक आंकड़ा करोड़ों में होने की संभावना है।
सावधानी ही बचाव है
यह घटना एक सबक है कि हमें अपनी डिजिटल सुरक्षा को लेकर कितना सतर्क रहने की जरूरत है। बैंक कभी भी रिवॉर्ड पॉइंट्स रिडीम कराने के लिए आपसे गोपनीय जानकारी नहीं मांगता। Agra पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर भरोसा न करें और अपनी बैंकिंग डिटेल्स साझा करने से बचें।
पकड़े गए इस गिरोह ने साबित कर दिया है कि साइबर अपराधी अब कितने संगठित हो चुके हैं। पुलिस की इस कार्रवाई से निश्चित रूप से ऐसे अपराधियों में खौफ पैदा होगा। फिलहाल, प्रशासन फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए तकनीक और मुखबिरों का सहारा ले रहा है।
यह भी पढ़ें: Aligarh News: ओलावृष्टि और बारिश से फसलों को भारी नुकसान, किसानों की बढ़ी चिंता
