बरेली में बुलडोजर एक्शन: दंगे के मास्टरमाइंड डॉ. नफीस का अवैध बारात घर जमींदोज, बीडीए ने की बड़ी कार्रवाई

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उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर को हुए सांप्रदायिक बवाल के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने दंगे के मास्टरमाइंड और मौलाना तौकीर रजा के करीबी माने जाने वाले डॉ. नफीस के अवैध बारात घर पर बुलडोजर चलाकर उसे जमींदोज कर दिया। यह बारात घर शहर के मुस्लिम बोल क्षेत्र में कब्जाई गई सरकारी जमीन पर बना था। प्रशासन के मुताबिक, डॉ. नफीस ने इस संपत्ति का निर्माण बिना नक्शा पास कराए और बिना कानूनी अनुमति के किया था।

करोड़ों की जमीन पर अवैध निर्माण:
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह बारात घर करीब 1000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ था और इसकी बाजार कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। इस भवन में कई कमरे, हॉल और सजावट की व्यवस्था की गई थी, जिसका उपयोग सामाजिक आयोजनों के लिए किया जाता था। जांच में सामने आया कि यह निर्माण न केवल अवैध था बल्कि पूरी तरह से सरकारी भूमि पर कब्जा करके किया गया था। बीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर दस्तावेजों की जांच की, जिसके बाद यह स्पष्ट हुआ कि इस भवन के लिए न तो कोई नक्शा स्वीकृत था और न ही कोई टैक्स भुगतान किया गया था।

बीडीए की टीम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई:
शनिवार सुबह से ही क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। इसके बाद बीडीए के उपाध्यक्ष डॉ. ए. मनिकदन के निर्देश पर टीम ने बुलडोजर चलाया। इस दौरान पुलिस और पीएसी के जवान पूरे क्षेत्र में गश्त करते रहे। कार्रवाई के दौरान किसी तरह का विरोध नहीं हुआ, लेकिन मौके पर भीड़ इकट्ठा होने से प्रशासन ने एहतियातन कुछ समय के लिए रास्ते बंद कर दिए।

बीडीए का बयान: डॉ. ए. मनिकदन, उपाध्यक्ष, बीडीए ने कहा

> “शहर में किसी भी प्रकार के अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बीडीए लगातार ऐसी संपत्तियों की पहचान कर रहा है जो नियमों का उल्लंघन कर बनाई गई हैं। डॉ. नफीस का बारात घर पूरी तरह अवैध था, इसलिए इसे ध्वस्त किया गया। आगे भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।”

पुलिस की भूमिका और सतर्कता:
बीडीए के साथ-साथ एसपी सिटी मानुष पारिख ने भी इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि

> “यह कार्रवाई पूरी तरह से कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई है। क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात है। किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।”
पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई सरकार के “ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी” के तहत की गई है ताकि किसी भी अवैध कब्जे या गैरकानूनी निर्माण को बढ़ावा न मिले।

26 सितंबर के बवाल से जुड़ा मास्टरमाइंड:
गौरतलब है कि 26 सितंबर को बरेली में हुए साम्प्रदायिक बवाल के दौरान कई इलाकों में पथराव, तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं हुई थीं। इस मामले में पुलिस ने डॉ. नफीस को प्रमुख साजिशकर्ता बताया था। वह मौलाना तौकीर रजा के करीबी माने जाते हैं और कई बार विवादित बयानों को लेकर भी सुर्खियों में रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि डॉ. नफीस का यह बारात घर न केवल अवैध था बल्कि इसे सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों के लिए भी इस्तेमाल किया जा रहा था।

स्थानीय निवासियों ने बीडीए की इस कार्रवाई को “न्यायोचित कदम” बताया है। मोहल्ले के कुछ लोगों का कहना है कि इस बारात घर के निर्माण से आसपास के क्षेत्र में ट्रैफिक और सुरक्षा की समस्या बढ़ गई थी। वहीं कुछ लोगों ने यह भी कहा कि डॉ. नफीस ने वर्षों से इस जगह पर कब्जा कर रखा था और प्रशासन की कार्रवाई लंबे समय से लंबित थी।

राज्य सरकार ने हाल के महीनों में अवैध निर्माणों, माफिया संपत्तियों और दंगों से जुड़े आरोपियों पर लगातार बुलडोजर एक्शन चलाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार स्पष्ट कर चुके हैं कि “कानून तोड़ने वालों पर बुलडोजर जरूर चलेगा।” बरेली में हुई यह कार्रवाई उसी नीति का हिस्सा मानी जा रही है। प्रशासन ने इस बात के भी संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में बरेली, संभल और मुरादाबाद समेत अन्य जिलों में भी ऐसी कार्रवाई की जाएगी।

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