UP Cabinet 2026: उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में डिजिटल शिक्षा (digital education) को बढ़ावा देने की। योगी सरकार ने प्रदेश के 14 हजार 429 परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल बनाने का फैसला लिया है। Lucknow में CM Yogi की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके लिए 300 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है।
इन स्कूलों में बच्चों को स्मार्ट क्लास, डिजिटल किताबें, डिजिटल लाइब्रेरी और आईसीटी आधारित पढ़ाई की सुविधा मिलेगी। वहीं शिक्षकों को भी टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे। स्मार्ट क्लास तैयार करने की जिम्मेदारी श्रीट्रॉन इंडिया लिमिटेड को कार्यदायी संस्था के तौर पर दी गई है। हर स्कूल के लिए 2 लाख 7 हजार 910 रुपये की दर तय की गई है, जिसमें सर्विस चार्ज और जीएसटी शामिल है। प्रदेश में पहले से ही 32 हजार से ज्यादा स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित हैं।
15 हजार से ज्यादा स्कूलों में आईसीटी लैब और 1,129 स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा शुरू हो चुकी है। वहीं अब तक 2 लाख 61 हजार से ज्यादा शिक्षकों को टैबलेट दिए जा चुके हैं। प्राथमिक स्कूलों में स्मार्ट क्लास (smart class) की शुरुआत साल 2021 में हुई थी। अब सरकार इसका दायरा और बढ़ाने की तैयारी में है। योजना के तहत बच्चों की संख्या और नामांकन के आधार पर आगे भी स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब की सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।
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