UP Board के छात्रों के लिए एक बहुत ही जरूरी और राहत भरी खबर सामने आई है। बोर्ड परीक्षा के नतीजों के बाद जो छात्र किसी वजह से एक या दो विषयों में पास होने से रह गए थे, उन्हें सरकार और शिक्षा परिषद ने अपनी गलती सुधारने का एक बेहतरीन मौका दिया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने साल 2026 की high school/compartment और इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षा के लिए online form भरने की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इसका सीधा मतलब यह है कि एक परीक्षा का रिजल्ट अब आपके पूरे साल को खराब नहीं कर पाएगा।
आवेदन की तारीखें और वेबसाइट
अगर आप या आपके आस-पास कोई छात्र इस परीक्षा में बैठना चाहता है, तो तैयारी शुरू कर दीजिए। बोर्ड के मुताबिक, इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 6 जून से शुरू हो रही है। छात्र 27 जून की आधी रात तक यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना फॉर्म भर सकते हैं। इस पूरी व्यवस्था को काफी आसान और पारदर्शी बनाया गया है ताकि छात्रों को फॉर्म भरने में किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
किसे मिलेगा परीक्षा में बैठने का मौका?
UP Board के सचिव भगवती सिंह ने इस संबंध में पूरी गाइडलाइन जारी कर दी है। नियमों के अनुसार, हाईस्कूल इम्प्रूवमेंट परीक्षा के अंतर्गत केवल वही छात्र फॉर्म भर सकते हैं जो किसी एक विषय में फेल हुए हैं। वहीं, कम्पार्टमेंट परीक्षा के अंतर्गत ऐसे छात्रों को मौका मिलेगा जो दो विषयों में अनुत्तीर्ण यानी फेल हैं। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि दो विषयों में फेल छात्र किसी एक विषय की ही कम्पार्टमेंट परीक्षा दे सकेंगे।
इंटरमीडिएट यानी 12वीं की बात करें, तो मानविकी (आर्ट्स), विज्ञान (साइंस) और वाणिज्य (कॉमर्स) वर्ग के वे छात्र इसके लिए पात्र होंगे, जो किसी एक विषय के किसी एक ही प्रश्नपत्र में फेल हैं। इसके अलावा वोकेशनल (व्यावसायिक) कोर्स के छात्र भी किसी एक पेपर में फेल होने पर आवेदन कर सकते हैं।
कितनी लगेगी फीस और क्या है तरीका?
इस परीक्षा के लिए बोर्ड की तरफ से एक तय शुल्क निर्धारित किया गया है। 10वीं यानी हाईस्कूल के छात्रों के लिए परीक्षा शुल्क 256.50 रुपये तय किया गया है। वहीं 12वीं यानी इंटरमीडिएट के छात्रों के लिए यह फीस 306 रुपये रखी गई है।
छात्रों को यह फीस ट्रेजरी (कोषागार) चालान के माध्यम से जमा करनी होगी। फॉर्म भरने की प्रक्रिया केवल ऑनलाइन आवेदन तक ही सीमित नहीं है। ऑनलाइन फॉर्म भरने और फीस जमा करने के बाद, आपको उस फॉर्म का प्रिंटआउट और चालान की ओरिजिनल कॉपी डाउनलोड करनी होगी। इसे आवेदन की आखिरी तारीख बीतने के तीन दिनों के भीतर अपने संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को रजिस्टर्ड डाक (पंजीकृत डाक) से भेजना बेहद जरूरी है।
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प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट के नियम
बोर्ड ने साफ किया है कि जिन विषयों में थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल या प्रोजेक्ट वर्क होता है, उनकी परीक्षाएं तय नियमों के आधार पर ही होंगी। अगर कोई छात्र किसी विषय के सिर्फ एक हिस्से में फेल है, तो उसे केवल उसी हिस्से की परीक्षा देनी होगी। इन सभी परीक्षाओं की तारीखें बोर्ड बाद में अलग से घोषित करेगा।
UP Board का यह कदम उन हजारों छात्र-छात्राओं के लिए एक उम्मीद की किरण है, जो बेहद कम नंबरों से पीछे रह गए थे। यह उनके भविष्य को सुरक्षित करने और बिना साल बर्बाद किए आगे बढ़ने का एक शानदार अवसर है। इसलिए समय रहते जरूरी दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन जरूर पूरा कर लें।
