Twisha Sharma Case: पूर्व मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में स्थानीय अदालत ने मंगलवार (2 जून, 2026) को एक बड़ा फैसला सुनाया है. भोपाल की एक विशेष अदालत ने मृतका के पति समर्थ सिंह और उनकी सास गिरिबाला सिंह को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया है. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद केंद्रीय एजेंसी ने दोनों आरोपियों को न्यायाधीश शोभना भालावे की अदालत में पेश किया था. अदालत ने मामले की गंभीरता और अब तक के साक्ष्यों को देखते हुए दोनों नामजद आरोपियों को आगामी 16 जून तक के लिए न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया. मृतका के पारिवारिक वकील अंकुर पांडेय ने इस कानूनी प्रक्रिया की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी सास पूर्व में एक जिला न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हो चुकी हैं और दोनों पर मृतका को दहेज के लिए प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप है।
Twisha Sharma Case: 12 मई को ससुराल में फंदे से लटका मिला था शव
गौरतलब है कि बीते 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में ट्विशा शर्मा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका हुआ पाया गया था. इस घटना के बाद से ही मृतका के मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और प्रताड़ना का संगीन आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठानी शुरू कर दी थी. मामले की संवेदनशीलता और हाई-प्रोफाइल बैकग्राउंड (आरोपी महिला का पूर्व जज होना) को देखते हुए इस पूरे केस की जांच देश की शीर्ष एजेंसी CBI को सौंपी गई थी. सीबीआई ने अपनी शुरुआती रिमांड के दौरान दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ की है, ताकि यह साफ हो सके कि यह आत्महत्या का मामला है या फिर इसके पीछे कोई गहरी आपराधिक साजिश छिपी हुई है।
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CBI ने फॉरेंसिक टीम के साथ डमी का उपयोग कर रीक्रिएट किया था पूरा सीन
अदालत में पेशी और न्यायिक हिरासत में भेजे जाने से ठीक एक दिन पहले, CBI की टीम ने इस मामले में वैज्ञानिक और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाने के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया को अंजाम दिया था. केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों ने फॉरेंसिक और क्राइम सीन एक्सपर्ट्स (अपराध स्थल विशेषज्ञों) की मौजूदगी में ट्विशा के वैवाहिक आवास पर डमी (कृत्रिम पुतलों) का उपयोग करके पूरे घटनाक्रम को दोबारा रीक्रिएट किया था. इस डमी रिक्रिएशन के दौरान सीबीआई ने आरोपी पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को मौके पर ले जाकर 12 मई की उस भयावह रात को घटी एक-एक घटना का सिलसिलेवार ब्योरा देने को कहा था. फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने फंदे की ऊंचाई, वजन के प्रभाव और परिस्थितियों का बारीकी से मिलान किया है, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही अदालत के समक्ष पेश की जाएगी।
