Sikkim Tunnel Collapse: Sikkim के नामची जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आ रही है। यहां 20 जुलाई की दोपहर एक निर्माणाधीन सुरंग के बाहर अचानक पहाड़ी का हिस्सा गिर गया। सिक्किम में एक टनल (Tunnel) के पास भूस्खलन के बाद गेट बंद हो गया और उसके अंदर काम कर रहे करीब 17 मजदूर वहीं फंस गए। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है, लेकिन अंदर से बेहद दुखद खबर आई है कि 10 मजदूरों की जान जा चुकी है। आइए जानते हैं कि मौके पर इस समय क्या हालात हैं और बचाव टीमें किस तरह की चुनौतियों का सामना कर रही हैं।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
यह सुरंग तीस्ता स्टेज-VI जलविद्युत परियोजना का एक हिस्सा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, टनल के अंदर करीब 1.5 किलोमीटर तक खतरनाक मीथेन गैस (Methane Gas) जमा हो गई थी। माना जा रहा है कि जब इस गैस को बाहर निकालने की कोशिश की जा रही थी, तभी अचानक एक धमाका हुआ। इस धमाके के कारण बाहर की तरफ बड़ा लैंडस्लाइड हो गया और मलबे से सुरंग का मुख्य द्वार पूरी तरह बंद हो गया। हादसे के वक्त कुछ मजदूर तुरंत बाहर भागने में सफल रहे, लेकिन बाकी अंदर ही ट्रैप होकर रह गए।
मीथेन गैस और धुंध से बढ़ रही मुश्किलें
रेस्क्यू टीमों के लिए यह ऑपरेशन बिल्कुल भी आसान नहीं साबित हो रहा है। टनल के भीतर जहरीली मीथेन गैस फैली होने और ऑक्सीजन का स्तर काफी कम होने के कारण राहत कर्मियों को बार-बार पीछे हटना पड़ रहा है। शुरुआती दौर में जब फायर ब्रिगेड की टीम अंदर गई, तो दम घुटने और जहरीली गैस के असर से कई बचावकर्मी खुद बीमार पड़ गए। पतली सुरंग और घने धुएं के कारण अंदर कुछ भी देख पाना बेहद मुश्किल हो रहा है।
बचाव के लिए विशेष टीमों को बुलाया गया
हादसे की जानकारी मिलते ही एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF), स्थानीय पुलिस और इमरजेंसी सर्विसेज तुरंत मौके पर पहुंच गईं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल से विशेष गैस सेफ्टी उपकरणों से लैस एक्सपर्ट्स की टीम बुलाई गई है। इसके अलावा सिलीगुड़ी और पाक्योंग से भी एनडीआरएफ के जवानों को राहत कार्य में लगाया गया है।
मृतकों के शव अस्पताल पहुंचाए गए
प्रशासन ने बताया कि जिन 10 मजदूरों की मौत हुई है, उनके शवों को पोस्टमार्टम के लिए सिंगतम और नामची के जिला अस्पतालों में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि सुरंग के अंदर की स्थिति पूरी तरह साफ न होने के कारण फंसे हुए मजदूरों का सटीक आंकड़ा बता पाना फिलहाल मुश्किल है, लेकिन माना जा रहा है कि करीब 17 मजदूर अभी भी अंदर फंसे हैं।
Sikkim में हुआ यह हादसा बेहद दुखद है। जहरीली गैस और मलबे की वजह से बचाव कार्य में काफी दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन प्रशासन और रेस्क्यू टीमें पूरी ताकत से अंदर फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रही हैं। पूरा देश अंदर फंसे मजदूरों की सलामती की दुआ कर रहा है।
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