Ganesh Chaturthi : आज देशभर में गणेश चतुर्थी का पर्व बहुत ही धूमधाम, धार्मिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। महाराष्ट्र से लेकर तमिलनाडु, कर्नाटक और राजस्थान तक के सभी प्रमुख मंदिरों और पूजा पंडालों में बप्पा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। हर तरफ ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारें गूंज रहे हैं। लोग अपने विघ्नहर्ता भगवान गणेश से सुख, समृद्धि और सफलता की कामना कर रहे हैं। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि देश के अलग-अलग हिस्सों में गणेशोत्सव की कैसी धूम है, तो चलिए आपको बताते हैं।
महाराष्ट्र में बप्पा के दर्शन को उमड़ी भीड़
महाराष्ट्र में गणेश उत्सव की रौनक हमेशा से ही सबसे अलग और खास होती है। मुंबई के विश्व प्रसिद्ध ‘लालबागचा राजा’ के दरबार में तड़के से ही बप्पा के एक झलक दर्शन पाने के लिए लाखों भक्तों की लंबी लाइनें लगी हुई हैं। 10 दिनों तक चलने वाले इस महाउत्सव की शुरुआत पूरे रीति-रिवाज और ढोल-नगाड़ों के साथ हुई है। इसके अलावा नागपुर के प्रसिद्ध श्री गणेश मंदिर टेकड़ी में सुबह तड़के भव्य मंगल आरती का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लेकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया।
मोती डूंगरी और दक्षिण भारत के मंदिरों का नजारा
राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर में स्थित प्रसिद्ध मोती डूंगरी गणेश मंदिर में सुबह 5 बजे मंगल आरती के साथ ही भक्तों के लिए पट खोल दिए गए। यहां रात 11:40 बजे होने वाली शयन आरती तक दर्शन का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। उधर दक्षिण भारत में भी गणेशोत्सव का भारी उत्साह है। तमिलनाडु के शिवगंगा जिले में स्थित ऐतिहासिक करपगा विनायकर मंदिर और बेंगलुरु के बसवनगुड़ी स्थित श्री डोड्डा गणपति मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है, जहां सुबह से ही भक्त बप्पा के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
कोलकाता के पंडालों में दिखी अनोखी कलाकृति
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में गणेश चतुर्थी के अवसर पर बेहद खास और समसामयिक विषयों पर आधारित पूजा पंडाल सजाए गए हैं। बागुईआटी इलाके में एक पंडाल को ‘विकसित बंगाल’ और डॉक्टरों के विरोध प्रदर्शन की थीम पर तैयार किया गया है। स्थानीय कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से राज्य के अतीत, बुनियादी ढांचे के विकास और सामाजिक बदलाव की उम्मीदों को खूबसूरत झांकियों के जरिए पेश किया है। भाजपा नेता दिलीप घोष ने भी पानीहाटी में गणेश पूजा का उद्घाटन कर लोगों को शुभकामनाएं दीं।







