लखनऊ, उत्तर प्रदेश: गणतंत्र दिवस 2026 के अवसर पर आयोजित कलाकार सम्मान समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों से संवाद किया और गणतंत्र दिवस परेड में उनकी सहभागिता की सराहना की। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से त्रिपुरा सहित अन्य राज्यों के कलाकारों का उत्तर प्रदेश में स्वागत करते हुए कहा कि इतनी दूर से आकर राष्ट्रीय पर्व का हिस्सा बनना देश की सांस्कृतिक एकता और “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना को सशक्त करता है। उन्होंने कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को यह सौभाग्य मिला है कि देश के कोने-कोने से प्रतिभाशाली कलाकार यहां आकर अपनी संस्कृति और परंपराओं की प्रस्तुति दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “त्रिपुरा एक बहुत महत्वपूर्ण राज्य है और आप इतनी दूर से गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेने आए हैं, यह हम सभी के लिए गर्व की बात है। इतने सारे कलाकारों का उत्तर प्रदेश आना हमारी सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता का जीवंत उदाहरण है। मैं आप सभी का हृदय से स्वागत करता हूं।” उन्होंने कलाकारों से बातचीत के दौरान उनके अनुभव भी सुने और उनकी मेहनत तथा समर्पण की प्रशंसा की।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया और तिरंगे को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने संविधान की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि आज जिस भारत को हम देख रहे हैं, उसकी नींव हमारे संविधान ने रखी है। उन्होंने “एक भारत श्रेष्ठ भारत” के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान ने देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया है और विविधताओं के बावजूद भारत को एक मजबूत लोकतांत्रिक राष्ट्र बनाया है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने 26 जनवरी 1950 की ऐतिहासिक घटनाओं को याद किया, जब भारत ने अपने संविधान को औपचारिक रूप से अपनाया था। उन्होंने कहा, “77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मैं प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। 1950 में इसी दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। इन 76 वर्षों की यात्रा में हमारे संविधान ने कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन इसके बावजूद भारत की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों को निरंतर मजबूती मिली है।”
सीएम योगी ने आगे कहा कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक, हर भारतीय के मन में राष्ट्र के प्रति गर्व की भावना आज और अधिक प्रबल हुई है। उन्होंने कहा कि संविधान ने न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व जैसे मूल्यों को स्थापित कर भारत को एक सशक्त और समावेशी राष्ट्र बनाया है। यही कारण है कि आज भारत वैश्विक मंच पर एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि गणतंत्र दिवस हर वर्ष 26 जनवरी को मनाया जाता है, जो भारत के संविधान के लागू होने और देश के एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बनने का प्रतीक है। यह दिन स्वतंत्रता संग्राम के लंबे संघर्ष की परिणति और संवैधानिक शासन की स्थापना का स्मरण कराता है।