PM Modi Uzbekistan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय राजकीय दौरे के सिलसिले में उज्बेकिस्तान (Uzbekistan) पहुंचे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मध्य एशिया के साथ भारत के सामरिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को एक नया आयाम देना है। ताशकंद पहुंचने पर उनका स्वागत उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव ने किया। दोनों देशों के शीर्ष नेताओं ने मिलकर कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जो भारत और उज्बेकिस्तान के बीच निरंतर प्रगाढ़ हो रही आत्मीयता को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।
राष्ट्रपति मिर्ज़ियोयेव (Shavkat Mirziyoyev) ने किया पीएम मोदी का स्वागत
ताशकंद एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री मोदी का औपचारिक और गर्मजोशी से भरा स्वागत किया गया। उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्ज़ियोयेव ने खुद उपस्थित होकर प्रधानमंत्री की अगवानी की। प्रधानमंत्री मोदी ने इस विशेष सम्मान के लिए उज्बेक राष्ट्रपति के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उज्बेकिस्तान की उनकी चौथी यात्रा है, जो दोनों देशों के परस्पर संबंधों की मजबूती और समय के साथ बढ़ती प्रगाढ़ता को साबित करती है।

पार्क में उज्बेक संस्कृति और इतिहास की झलक
अपने व्यस्त दौरे के बीच प्रधानमंत्री मोदी यंगी उज्बेकिस्तान पार्क (Yangi Uzbekistan Park) पहुंचे। वहां उन्होंने मुख्य स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करके उज्बेकिस्तान के इतिहास, गौरवशाली विरासत और राष्ट्रीय चेतना के प्रति सम्मान जताया। इस दौरान राष्ट्रपति मिर्ज़ियोयेव भी उनके साथ मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने पार्क में स्थापित विभिन्न कलाकृतियों का ध्यानपूर्वक अवलोकन किया, जो उज्बेक समाज की प्रगतिशील सोच और ऐतिहासिक यात्रा को खूबसूरती से प्रदर्शित करती हैं।
रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर
दौरे के दौरान दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच द्विपक्षीय वार्ता का आयोजन किया गया है। इस वार्ता में भारत और उज्बेकिस्तान के बीच रणनीतिक साझेदारी को नए आयाम देने पर केंद्रित चर्चा हो रही है। दोनों पक्षों का मुख्य ध्यान व्यापार, निवेश, रक्षा, डिजिटल कनेक्टिविटी और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को ज्यादा से ज्यादा विस्तारित करने पर है।
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विकसित भारत और यंगी उज्बेकिस्तान का साझा विजन
प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि भारत का लक्ष्य ‘विकसित भारत 2047’ है और उज्बेकिस्तान भी ‘यंगी उज्बेकिस्तान’ के अपने आधुनिक दृष्टिकोण पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन दोनों साझा विकास लक्ष्यों को एक साथ मिलाकर आगे बढ़ना दोनों देशों की प्रगति में मददगार सिद्ध होगा।
द्विपक्षीय संबंधों में बढ़ी गति
यह दौरा दोनों देशों के ऐतिहासिक और साझी सांस्कृतिक पृष्ठभूमि वाले संबंधों को नया बल देने में सक्षम रहा है। आने वाले समय में इस द्विपक्षीय सहयोग का लाभ केवल व्यापार तक सीमित न रहकर रक्षा और शिक्षा के साथ जन-सामान्य के सीधे जुड़ाव में भी देखने को मिलेगा।