PM Modi ने बुधवार को तमिलनाडु के कोयंबटूर में 'दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती शिखर सम्मेल' को संबोधित किया और पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की। इस योजना के तहत देशभर के लगभग 9 करोड़ किसानों के खातों में 18,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की गई। तमिलनाडु के लाखों किसानों को भी इस योजना का लाभ मिला।
प्रधानमंत्री ने कृषि क्षेत्र में आए बदलावों का जिक्र किया अपने संबोधन में PM Modi ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश के कृषि क्षेत्र में काफी बदलाव आया है। कृषि निर्यात में लगभग दो गुना वृद्धि हुई है और सरकार ने किसानों के लिए विभिन्न सहायता योजनाओं के दरवाजे खोले हैं, जिससे कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाया जा सके। भविष्य में प्राकृतिक खेती को लेकर उनका विश्वास था कि भारत जल्द ही इस क्षेत्र में वैश्विक केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा, “आज का युवा कृषि को एक बड़े अवसर के रूप में देख रहा है, जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है।”
तमिलनाडु के किसानों को मिली पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि पहले भी उन्होंने इस मंच से पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त जारी की थी और आज तमिलनाडु के किसानों को भी इस योजना का लाभ मिला है। उन्होंने प्राकृतिक खेती को अपने दिल के करीब बताया और सम्मेलन में प्रदर्शनी को सराहा, जहां उन्होंने कई युवा किसानों से मुलाकात की। कुछ किसान तो नासा जैसी संस्थाओं से आकर खेती कर रहे हैं और दूसरों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
PM Modi ने यह भी कहा, “अगर मैं आज इस कार्यक्रम में नहीं आता तो बहुत कुछ मिस कर जाता। तमिलनाडु के किसानों के हौसले को देखना और उनकी खेती में आए बदलाव को महसूस करना बहुत प्रेरणादायक था। ”मंच पर जब कुछ किसानों ने हवा में गमछा लहराया तो पीएम मोदी मुस्कुराते हुए बोले, “लग रहा है बिहार की हवा मुझसे पहले यहां पहुंच गई।”
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, युवा और कृषि विशेषज्ञ उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने सभी को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी को इससे जोड़ने का आह्वान किया।