Instagram: अमेरिकी टेक कंपनी Meta ने Instagram यूजर्स को बड़ा झटका देते हुए ‘एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन’ (E2EE) फीचर को आधिकारिक तौर पर बंद करने की घोषणा की है। यह फैसला वैश्विक स्तर पर लागू किया जा रहा है, जो मेटा की उस पुरानी योजना के बिल्कुल उलट है जिसमें कंपनी ने सभी प्लेटफॉर्म्स पर सुरक्षा बढ़ाने का दावा किया था।
Instagram मे क्या होगा बदलाव? अब सुरक्षित नहीं रहेंगे मैसेज?
अब तक एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन के तहत आपके मैसेज केवल भेजने वाले और प्राप्त करने वाले ही पढ़ सकते थे। मेटा खुद भी इन मैसेजेस को नहीं देख सकता था। लेकिन अब:
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एक्सेस: फीचर हटने के बाद मेटा आवश्यकता पड़ने पर आपके मैसेज, फोटो, वीडियो और वॉयस नोट्स को देख या पढ़ सकेगा।
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स्टैंडर्ड एन्क्रिप्शन: इंस्टाग्राम अब ‘स्टैंडर्ड एन्क्रिप्शन’ (जैसे Gmail में होता है) का उपयोग करेगा। यह मैसेज को ट्रांसमिशन के दौरान तो सुरक्षित रखता है, लेकिन सर्वर पर कंपनी की पहुंच बनी रहती है।
Meta ने क्यों लिया गया यह फैसला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, Meta ने इस फीचर को इसलिए हटाया क्योंकि बहुत कम संख्या में यूजर्स इसका सक्रिय रूप से उपयोग कर रहे थे। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि चूँकि यह फीचर ‘ऑप्शनल’ (Optional) था, इसलिए इसे मैन्युअल रूप से ऑन करना पड़ता था, जो कम उपयोग का मुख्य कारण बना।
बाल सुरक्षा संगठनों ने किया स्वागत
जहाँ एक तरफ प्राइवेसी एक्सपर्ट्स इसकी आलोचना कर रहे हैं, वहीं NSPCC जैसे बाल सुरक्षा समूहों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका मानना है कि एन्क्रिप्शन हटने से ऑनलाइन बाल शोषण और हानिकारक गतिविधियों का पता लगाना आसान होगा, जो पहले एन्क्रिप्शन की वजह से नामुमकिन था।
सोशल मीडिया का बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर
एक हालिया अध्ययन (8,000 बच्चों पर आधारित) में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं:
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एकाग्रता में कमी: जो बच्चे फेसबुक, Instagram या स्नैपचैट पर 30 मिनट से अधिक समय बिताते हैं, उनकी एकाग्रता की क्षमता धीरे-धीरे कम होने लगती है।
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समय का ग्राफ: 9 साल के बच्चे औसतन 30 मिनट, जबकि 13 साल के बच्चे प्रतिदिन करीब 2.5 घंटे सोशल मीडिया और वीडियो गेम्स पर बिता रहे हैं, जो उनके विकास के लिए चिंताजनक है।
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