Mathura Janmashtami : ब्रज में इस समय चारों तरफ कान्हा के जन्मोत्सव की खुशी दिखाई दे रही है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर मथुरा को दुल्हन की तरह सजाया गया है। सड़कें, चौराहे और मंदिर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु भी मथुरा पहुंचने लगे हैं। हर किसी की बस एक ही इच्छा है—अपने कान्हा के दर्शन करना।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर सजकर तैयार है मथुरा
कान्हा की नगरी में जगह-जगह आकर्षक सजावट की गई है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान रंग-बिरंगी रोशनी से चमक रहा है। जन्मस्थान जाने वाले रास्तों पर भी शानदार सजावट देखने को मिल रही है। भूतेश्वर तिराहा, गोवर्धन चौराहा और स्टेट बैंक चौराहा भी रंगीन कपड़ों और झालरों से सजाए गए हैं। शहर में प्रवेश करते ही भक्तों को जन्माष्टमी का माहौल महसूस होने लगा है।
कान्हा के जन्म की कथा में बारिश का खास जिक्र मिलता है। मान्यता है कि जब कंस की कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था, तब घनघोर बारिश हुई थी। इस बार भी जन्मोत्सव से पहले ब्रज में मौसम बदला हुआ है। बुधवार दोपहर करीब डेढ़ घंटे तक तेज बारिश हुई और गुरुवार सुबह से भी बारिश का सिलसिला जारी रहा। भक्त इसे कान्हा की जन्मलीला से जोड़कर देख रहे हैं।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर रात 12 बजे होगा जन्मोत्सव
भले ही श्रीकृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर को मनाई जाएगी, लेकिन मथुरा में उत्सव का माहौल पहले से ही बन गया है। रात 12 बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भगवान का अभिषेक किया जाएगा और जन्मोत्सव मनाया जाएगा। सुबह से ही जन्मस्थान पर श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचने लगी है। कोई ब्रजभूमि में कदम रखते ही खुद को धन्य मान रहा है, तो कोई जन्मस्थान की देहरी छूकर अपने आपको भाग्यशाली समझ रहा है।
मथुरा में भक्तों ने डाला डेरा
कान्हा के जन्मोत्सव का साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मथुरा पहुंच रहे हैं। शहर के प्रमुख मंदिरों में भी भक्तों की भीड़ बढ़ गई है। होटल, धर्मशाला और आश्रम कई दिन पहले ही भर चुके हैं। जगह नहीं मिलने पर कई श्रद्धालु यमुना घाटों, सड़कों के किनारे और मंदिरों के खुले प्रांगण में ही ठहर गए हैं। पूरे ब्रज में इस समय राधे-राधे के जयकारे गूंज रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे पूरी नगरी अपने लल्ला के जन्म का इंतजार कर रही हो।







