भारत-वियतनाम आर्थिक साझेदारी मजबूत, 2030 तक 30 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य

Share This Article

मुंबई में भारत और वियतनाम के बीच आर्थिक साझेदारी को नई दिशा देने के लिए एक अहम बैठक आयोजित की गई। MVIRDC वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई और ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज़ (AIAI) ने वियतनाम के हो ची मिन्ह सिटी से आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल की मेज़बानी की, जहां दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई।

इस गोलमेज शिखर सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य एशिया के दो बड़े आर्थिक केंद्रों—मुंबई और हो ची मिन्ह सिटी—के बीच शहरी कनेक्टिविटी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और टिकाऊ बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाना था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाराष्ट्र सरकार में राज्य मंत्री आशीष जायसवाल ने वियतनामी कंपनियों को महाराष्ट्र में निवेश के लिए खुला निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र वियतनाम का खुले दिल से स्वागत करता है और राज्य में उद्योग, IT पार्क और डेटा सेंटर इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए साझेदारी को अगले स्तर तक ले जाना चाहता है।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार 2027 तक राज्य को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है और इसके लिए अंतरराष्ट्रीय निवेश और तकनीकी सहयोग बेहद जरूरी है।

वहीं वियतनामी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे गुयेन लोक हा ने कहा कि हो ची मिन्ह सिटी भारतीय निवेशकों के लिए एक मजबूत और दीर्घकालिक इकोसिस्टम विकसित करना चाहता है।

उन्होंने विशेष रूप से रिसर्च एंड डेवलपमेंट, डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्मार्ट सिटी मॉडल और ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स में भारतीय कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया।

बैठक में यह भी बताया गया कि भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय व्यापार वित्त वर्ष 2025-26 में 16 अरब डॉलर के पार पहुंच चुका है। अब दोनों देशों का लक्ष्य 2030 तक इस व्यापार को बढ़ाकर 30 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।

इस दौरान AI, टेक्सटाइल और एग्री-प्रोसेसिंग सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा रक्षा निर्माण, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल भुगतान और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों (Rare Earths) के क्षेत्र में भी कई अहम समझौते किए गए।

भारत और वियतनाम के केंद्रीय बैंकों के बीच डिजिटल भुगतान और वित्तीय नवाचार को बढ़ावा देने के लिए भी समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत QR कोड आधारित खुदरा भुगतान प्रणाली को आपस में जोड़ने की योजना है, जिससे दोनों देशों के बीच पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

इस बीच सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ वियतनाम के महासचिव और राष्ट्रपति टो लाम ने मुंबई स्थित नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का दौरा भी किया। यहां उन्होंने पारंपरिक घंटी बजाने की रस्म में हिस्सा लिया। इस दौरान NSE के चेयरपर्सन श्रीनिवास इंजेती और CEO आशीष कुमार चौहान ने उनका स्वागत किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Are you human? Please solve:Captcha


Live Channel

Advertisement

[wonderplugin_slider id=1]

Live Poll

[democracy id="2"]

Also Read This