India GDP Growth : भारत की GDP ने तोड़ा रिकॉर्ड, वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में भारत की GDP 8.2% बढ़ी

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भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 8.2% की GDP Growth दर्ज कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस शानदार वृद्धि ने अनुमान 7% से 7.3% को भी पीछे छोड़ दिया है। इस आर्थिक उछाल का असर पूरे देश में उत्साह का कारण बना है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे सरकार के प्रगतिशील आर्थिक सुधारों का प्रतिफल बताया है।

28 नवंबर को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई-सितंबर की तिमाही में वास्तविक जीडीपी (स्थिर कीमतों पर) ₹48.63 लाख करोड़ पर पहुंच गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में ये ₹44.94 लाख करोड़ थी। नाममात्र जीडीपी में भी 8.7% की बढ़ोतरी हुई है। यह तीन माह की अवधि आर्थिक सुधारों की सफलता का ऐनेर है, जिसने भारत को दुनिया की सबसे तेज बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बनाए रखने में मदद की है।

इस सत्र में विनिर्माण क्षेत्र ने 9.1% की शानदार वृद्धि दिखाई, जो पूरे आर्थिक विकास में मुख्य भूमिका निभाई। कृषि क्षेत्र ने भी 3.5% की स्थिर वृद्धि दर्ज की है। उपभोग के क्षेत्र में, निजी उपभोग (PFCE) 7.9% बढ़ा, जो पिछले साल की तुलना में काफी बेहतर है। निवेश के प्रमुख संकेतक, पूंजी निर्माण (GFCF) में 7.3% का मजबूत उछाल देखा गया। वहीं, सरकारी खर्च में 2.7% की गिरावट रही, जो राजकोषीय अनुशासन का संकेत देती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Q2 की 8.2% ग्रोथ को बेहद उत्साहजनक बताया। उन्होंने कहा कि यह सफलता सरकार के बड़े फैसलों और पॉलिसी रिफॉर्म्स का परिणाम है। पीएम मोदी ने आर्थिक सुधारों को निरंतर जारी रखने और लोगों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्धता जताई है। उनका मानना है कि ये रिफॉर्म्स देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।

वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही (Q2) में वास्तविक GVA (स्थिर कीमतों पर) ₹44.77 लाख करोड़ अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की समान तिमाही के ₹41.41 लाख करोड़ से 8.1% अधिक है। इसी प्रकार, नाममात्र GVA (वर्तमान कीमतों पर) ₹77.69 लाख करोड़ है, जो पिछले वर्ष के ₹71.45 लाख करोड़ की तुलना में 8.7% की वृद्धि दिखाता है।

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में वास्तविक GDP (स्थिर कीमतों पर) का अनुमान ₹96.52 लाख करोड़ है, जो पिछली छमाही के ₹89.35 लाख करोड़ की तुलना में 8.0% अधिक है। नाममात्र GDP (वर्तमान कीमतों पर) ₹171.30 लाख करोड़ आंकी गई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के ₹157.48 लाख करोड़ से 8.8% अधिक है।

वास्तविक GVA पहली छमाही में ₹89.41 लाख करोड़ है, जो पिछले वर्ष की छमाही के ₹82.88 लाख करोड़ की तुलना में 7.9% की वृद्धि दर्शाता है। इसी प्रकार, नाममात्र GVA ₹155.94 लाख करोड़ है, जो पिछले वर्ष के ₹143.39 लाख करोड़ से 8.8% अधिक है।

उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन

विशेषज्ञों के औसतन 7% जीडीपी ग्रोथ के अनुमान से ऊपर जाकर भारत ने विश्व आर्थिक मंच पर अपनी मजबूती दिखा दी है।

निवेश और उपभोग में वृद्धि

निजी उपभोग, विनिर्माण और निवेश के मजबूत संकेतक अर्थव्यवस्था के विविध और संतुलित विकास को दर्शाते हैं।

निरंतर सुधार और पॉलिसी का असर

सरकार के सुधारों से उभरती हुई नौकरियों, बेहतर व्यवसाय माहौल और आर्थिक स्थिरता को बल मिला है।

यह भी पढे़ – President द्रौपदी मुर्मु का लखनऊ दौरा: ब्रह्माकुमारी राजयोग प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन

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