Hardoi: दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम-2016 की मूल भावना को ज़मीनी स्तर पर लागू करने और दूर-दराज़ ग्रामीण इलाकों में रहने वाले दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से हरदोई में एक विशेष मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश के राज्य आयुक्त दिव्यांगजन प्रोफेसर हिमांशु शेखर झा की अध्यक्षता में आईटीआई परिसर स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में संपन्न हुआ। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस आयोजन का संचालन जिलाधिकारी अनुनय झा के निर्देशन में किया गया। मोबाइल कोर्ट का उद्देश्य ऐसे दिव्यांगजनों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना था, जो जानकारी के अभाव में सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं।

राज्य आयुक्त ने स्वयं दिव्यांगजनों की शिकायतें सुनीं और समाज में उनके साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त करने पर जोर दिया। उन्होंने दिव्यांगजनों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई। इस दौरान पेंशन, सहायक उपकरण, दिव्यांग प्रमाण पत्र सहित विभिन्न समस्याओं का स्थानीय स्तर पर तत्काल समाधान किया गया।

कार्यक्रम में जिलाधिकारी के निर्देश पर विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। राज्य आयुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि दिव्यांगजनों से संबंधित फाइलों को बेवजह लंबित न रखा जाए और उनके अधिकारों का पूर्ण सम्मान किया जाए।
इस पहल से जिले के सैकड़ों दिव्यांगजनों को बड़ी राहत मिली है। प्रशासन का कहना है कि इस तरह के मोबाइल कोर्ट न केवल दिव्यांगजनों में जागरूकता बढ़ाते हैं, बल्कि उन्हें न्याय के लिए सरकारी दफ्तरों के अनावश्यक चक्कर लगाने से भी बचाते हैं।
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