Delhi Airport : देश की राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे पर कस्टम्स विभाग को सोने की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता मिली है। कस्टम अधिकारियों ने 24 अगस्त को टोरंटो (कनाडा) से दिल्ली पहुंची एक 46 वर्षीय भारतीय महिला यात्री को भारी मात्रा में अवैध सोने के साथ गिरफ्तार किया है।
महिला एयर इंडिया की फ्लाइट AI188 से दिल्ली आई थी। चेकिंग के दौरान उसके पास से 1.3 किलो से अधिक सोना बरामद किया गया है। अधिकारियों ने तस्करी का मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। आइए जानते हैं कि इस पूरे मामले की कड़ियां किस तरह से जुड़ीं।
दिल्ली एयरपोर्ट पर सोना जब्त
कस्टम विभाग से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, एयरपोर्ट के आगमन हॉल में चेकिंग के दौरान अधिकारियों को उक्त महिला यात्री की गतिविधियां कुछ संदिग्ध लगीं। शक होने पर कस्टम्स की टीम ने महिला को रोका और उसकी व्यक्तिगत तलाशी के साथ-साथ उसके सामान की गहन जांच की।
तलाशी के दौरान महिला के बैग्स से 1,327.4 ग्राम (लगभग 1.33 किलो) वजन के सोने के आभूषण बरामद किए गए, जिन्हें वह बिना सीमा शुल्क चुकाए अवैध रूप से देश में लाने की कोशिश कर रही थी। कस्टम विभाग के अनुसार बरामद सोने की आकलित ड्यूटी वैल्यू लगभग 1.76 करोड़ रुपये है, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कुल कीमत करीब 2.18 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में कस्टम्स ने 25 अगस्त 2026 को तस्करी का केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
हैंड बैग से निकली बंदर की खोपड़ी और विदेशी जीव
दिल्ली का आईजीआई एयरपोर्ट अक्सर तस्करों के अजीबोगरीब पैंतरों के लिए सुर्खियों में रहता है। हाल ही में चेकिंग के दौरान सीआईएसएफ के जवानों ने एक यात्री के हैंड बैग से बंदर की असली खोपड़ी बरामद की थी, जिससे एयरपोर्ट पर हड़कंप मच गया था। आरोपी यात्री को तुरंत पुलिस के हवाले किया गया था, जिस पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत कार्रवाई की गई।
इसी तरह, कुछ समय पहले बैंकॉक से मुंबई आए एक यात्री के पास से 29 दुर्लभ और विदेशी वन्यजीव बरामद किए गए थे, जिनमें गिब्बन, काली गिलहरी, बॉल पाइथन और इगुआना जैसे जानवर शामिल थे।
बेजुबान वन्यजीवों के साथ होती है भारी क्रूरता
एयरपोर्ट्स पर सिर्फ सोना, चांदी या इलेक्ट्रॉनिक्स ही नहीं, बल्कि अजगर, गिरगिट, कछुए और दुर्लभ पक्षियों जैसे बेजुबान जीवों की तस्करी के मामले भी लगातार सामने आ रहे हैं। पैसों के लालच में तस्कर इन जानवरों को छोटे-छोटे डिब्बों और बैगों में कसकर बंद कर देते हैं।
कई बार तो लंबी उड़ानों के दौरान सांस न ले पाने और दम घुटने के कारण इन बेजुबान वन्यजीवों की रास्ते में ही तड़प-तड़पकर मौत हो जाती है। सुरक्षा एजेंसियां अब इस तरह की क्रूर तस्करी को रोकने के लिए चेकिंग व्यवस्था को और ज्यादा कड़ा कर रही हैं।
यह भी पढ़ें: AIIMS Study on Fatty Liver: कम उम्र में क्यों खराब हो रहा लिवर? जानिए खानपान की कौन-सी आदतें हैं जिम्मेदार







