विश्वकर्मा जयंती (Vishwakarma Jayanti) के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी शिल्पकारों, कारीगरों और नागरिकों को शुभकामनाएं दी हैं। गोरखपुर के जटाशंकर स्थित श्री विश्वकर्मा पंचायत मंदिर में आयोजित पूजनोत्सव कार्यक्रम में शामिल होकर सीएम योगी ने विधि-विधान से भगवान विश्वकर्मा की आराधना की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जो समाज और देश अपने कारीगरों का सम्मान करता है, वही प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ता है।
जटाशंकर मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना
CM Yogi ने मंदिर परिसर में भगवान विश्वकर्मा की पूजा की और राज्य की खुशहाली की प्रार्थना की। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राजमिस्त्री, बढ़ई, सोनार और हलवाई जैसे तमाम पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े लोगों का हुनर ही उनके स्वावलंबन का मुख्य जरिया रहा है। हालांकि, आजादी के बाद लंबे समय तक इन पारंपरिक विधाओं और कारीगरों की उपेक्षा की गई, जिससे उनका विकास रुक सा गया था।
टूलकिट और प्रशिक्षण से बदला माहौल
CM Yogi ने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदलने का काम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू हुई योजनाओं के माध्यम से कारीगरों को आधुनिक टूलकिट, बेहतर प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में आज तीन करोड़ से अधिक लोग अपने पारंपरिक हुनर और कारीगरी के बल पर स्वरोजगार से जुड़ चुके हैं और आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
सृष्टि और नए भारत के शिल्पी का संयोग
इस अवसर का महत्व बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन बेहद खास है। एक तरफ जहां सृष्टि के शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की जयंती मनाई जा रही है, वहीं दूसरी तरफ नए भारत के निर्माण में जुटे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी है। उन्होंने गुरु गोरखनाथ की धरती से पीएम मोदी को जन्मदिन की बधाई दी और उनके लंबे तथा स्वस्थ जीवन की कामना की, ताकि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प पूरा हो सके। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने ‘श्री विश्वकर्मा पूजनोत्सव’ पुस्तक का विमोचन भी किया।
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