CM Yogi Ram Manohar Lohia University Convocation: वक्त के पन्नों पर छपी तस्वीरें हमेशा अतीत की मजबूत गवाही देती हैं। कुछ ऐसी ही बातों के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में माफिया राज से लेकर कानून के राज तक के बदलाव की पूरी कहानी बयां की है। मौका था शनिवार को राजधानी लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के पांचवें दीक्षांत समारोह का, जहां सीएम योगी ने खुलकर अपने विचार रखे।
लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (RMLNLU) के पांचवें दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा बयान दिया। सीएम योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में ‘रूल ऑफ माफिया’ था, लेकिन अब उत्तर प्रदेश में ईमानदारी से ‘रूल ऑफ लॉ’ (Rule of Law) लागू किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार के चलते उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की छवि से उभरकर देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ा है। इस दीक्षांत समारोह की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति और विश्वविद्यालय के विजिटर जस्टिस विक्रम नाथ ने की।
यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में छात्रों को बांटी उपाधियां
Lucknow की इस प्रतिष्ठित लॉ यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में कुल 260 विद्यार्थियों और शोधार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं, वहीं, 17 मेधावी विद्यार्थियों को 20 पदकों से सम्मानित किया जा रहा है, जिनमें 11 गोल्ड, 5 सिल्वर और 4 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं। इस खास कार्यक्रम में सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस विक्रमनाथ और इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अरुण भंसाली भी विशेष रूप से शामिल हुए।
आपातकाल और न्यायपालिका के फैसलों पर की बात
समारोह के दौरान सीएम योगी ने साल 1975 में लगे आपातकाल का जिक्र करते हुए कांग्रेस पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एचआर खन्ना के उस दौर के फैसले को याद किया, जहां उन्होंने अकेले असहमति जताई थी। सीएम ने कहा कि भले ही उसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ी हो, लेकिन इतिहास आज भी उस असहमति को भूला नहीं है।