CM Yogi Adityanath Shamli Visit: उत्तर प्रदेश के विकास को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री लगातार अलग-अलग जिलों का दौरा कर रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को CM Yogi Adityanath Shamli Visit सुर्ख़ियों में रही, जब मुख्यमंत्री खुद शामली पहुंचे। इस दौरे को लेकर स्थानीय लोगों और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। सीएम ने यहाँ के विजय सिंह पथिक महाविद्यालय में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। इस खास मौके पर उन्होंने कैराना, शामली और थाना भवन विधानसभा क्षेत्रों के लिए ₹581 करोड़ से अधिक की लागत वाली 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। चलिए जानते हैं कि इस पूरे दौरे में क्या कुछ खास रहा।
सुरक्षा और तैयारियों को लेकर पहले से ही अलर्ट पर था प्रशासन
मुख्यमंत्री के आने से पहले ही जिले में प्रशासनिक हलचल काफी तेज हो गई थी। इस CM Yogi Adityanath Shamli Visit को सफल बनाने के लिए गुरुवार को ही मेरठ के एडीजी भानु भास्कर, सहारनपुर के डीआईजी अभिषेक सिंह और मंडलायुक्त डॉ. रुपेश कुमार ने कैराना पहुंचकर पीएसी वाहिनी परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया था। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था से लेकर हर छोटे-बड़े निर्माण कार्य की समीक्षा की। इस दौरान अफसरों ने निर्माणाधीन पीएसी विद्यालय का जायजा लिया और वहां साफ-सफाई व रंगाई-पुताई का काम जल्द से जल्द पूरा करने के सख्त निर्देश दिए ताकि व्यवस्था में कोई कमी न रहे।
जनसभा के लिए तैयार किया गया था भव्य जर्मन हैंगर टेंट
शामली के विजय सिंह पथिक महाविद्यालय में मुख्यमंत्री की रैली को भव्य बनाने के लिए खास इंतजाम किए गए थे। इस CM Yogi Adityanath Shamli Visit के दौरान बारिश या धूप की चिंता किए बिना लोग आ सकें, इसके लिए कार्यक्रम स्थल पर एक विशाल जर्मन हैंगर टेंट लगाया गया था। पूरे आयोजन के दौरान कार्यक्रम स्थल पर भाजपा कार्यकर्ताओं, बड़े प्रशासनिक अधिकारियों और अलग-अलग सरकारी विभागों के कर्मचारियों की लगातार आवाजाही बनी रही। हर कोई इस कोशिश में जुटा था कि कार्यक्रम को अंतिम रूप बेहद शानदार तरीके से दिया जा सके।
अलग-अलग विभागों को सौंपी गई थीं अहम जिम्मेदारियां
मुख्यमंत्री के इस बड़े कार्यक्रम को संभालने के लिए प्रशासन ने पूरी प्लानिंग की थी। CM Yogi Adityanath Shamli Visit को देखते हुए बिजली विभाग को बिना किसी रुकावट के निर्बाध बिजली सप्लाई और बेहतर लाइटिंग की जिम्मेदारी दी गई थी। वहीं, लोक निर्माण विभाग (PWD) सड़कों की मरम्मत और बाकी बचे कंस्ट्रक्शन के काम को पूरा करने में लगा था। वन विभाग ने कार्यक्रम स्थल के आसपास हरियाली बढ़ाने और सौंदर्यीकरण का जिम्मा संभाला, तो दूसरी तरफ अग्निशमन विभाग सुरक्षा के मानकों को परखने में जुटा रहा।







